शेयर बाज़ार अपडेट :

आज शेयर बाजार में कमजोरी दर्ज की गई, जहां सेंसेक्स 600 अंक गिरकर 77,000 के स्तर पर पहुंच गया और निफ्टी 150 अंक फिसलकर 24,000 के करीब कारोबार करता दिखा। बाजार में आईटी शेयरों पर दबाव रहा, जबकि रियल्टी सेक्टर में कुछ खरीदारी देखने को मिली।
इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां प्रमुख कारण हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा सीजफायर की समयसीमा बढ़ाए जाने के बावजूद हालात में सुधार नहीं हुआ है। अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी जारी रखी है, जबकि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में दो जहाजों को कब्जे में लिया है।
हाल ही में दोनों देशों के बीच हुई बातचीत का कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका। इसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि पाकिस्तान में अगले दौर की वार्ता हो सकती है, लेकिन अब इस पर भी संशय बना हुआ है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की प्रस्तावित इस्लामाबाद यात्रा का टलना भी इसी अनिश्चितता को दर्शाता है।
एशियाई बाजारों में मिश्रित रुझान देखने को मिला। जापान का निक्केई सूचकांक बढ़त में रहा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। यह संकेत देता है कि वैश्विक स्तर पर निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है।
अमेरिकी शेयर बाजारों में भी पिछले कारोबारी सत्र में कमजोरी दर्ज की गई। डाउ जोन्स, नैस्डैक और S&P 500—तीनों प्रमुख सूचकांकों में गिरावट रही, जिससे वैश्विक बाजारों पर दबाव बना हुआ है।
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। 23 अप्रैल को उन्होंने 3,254.71 करोड़ रुपए के शेयरों की शुद्ध बिक्री की। वहीं, घरेलू निवेशकों ने सीमित खरीदारी कर बाजार को कुछ समर्थन दिया।
महीने के दौरान विदेशी निवेशकों ने कुल 47,536.09 करोड़ रुपए की शुद्ध बिकवाली की है, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 34,777.96 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की। यह रुझान बताता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू निवेशक कुछ हद तक संतुलन बनाए हुए हैं।



