विकसित भारत के लक्ष्य में नीति आयोग की भूमिका अहम, पीएम मोदी ने डॉ. लाहिड़ी को दी नई जिम्मेदारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नीति आयोग को देश के विकास का ‘गतिशील मंच’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार को प्रोत्साहित करने और दीर्घकालिक रणनीतियों के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य कर रहा है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के सरकारी प्रयासों में नीति आयोग का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा है।
पुनर्गठित नीति आयोग की टीम का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री ने डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी को उपाध्यक्ष पद की कमान मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने नवनियुक्त पूर्णकालिक सदस्यों—राजीव गौबा, प्रो. के. वी. राजू, प्रो. गोबर्धन दास, प्रो. अभय करंदीकर और डॉ. एम. श्रीनिवास—की क्षमताओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि यह नई टीम सुधारों के अगले चरण को आगे बढ़ाएगी।
डॉ. लाहिड़ी से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री ने उनके कार्यकाल की सफलता की कामना की। उन्होंने रेखांकित किया कि डॉ. लाहिड़ी का नीतिगत अनुभव भारत की आर्थिक नीतियों को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा। पीएम मोदी का मानना है कि इस नई नियुक्ति से देश की विकास नीतियों में और अधिक स्पष्टता और गतिशीलता आएगी, जो राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक है।
डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी का करियर सार्वजनिक नीति और अकादमिक जगत का एक उत्कृष्ट मिश्रण रहा है। मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में उनकी पिछली भूमिकाओं और राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान के साथ उनके जुड़ाव ने उन्हें जटिल आर्थिक चुनौतियों को समझने में विशेषज्ञता प्रदान की है। 15वें वित्त आयोग में उनके कार्य और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय निकायों में उनके योगदान को देखते हुए, नीति आयोग में उनकी भूमिका भारत की भावी आर्थिक दिशा के लिए निर्णायक मानी जा रही है।


