नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का सुरक्षा ऑडिट सफल: परिचालन के लिए बीसीएएस से मिली हरी झंडी

गौतम बुद्ध नगर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपनी व्यावसायिक शुरुआत की ओर एक और निर्णायक कदम बढ़ा दिया है। विमानन सुरक्षा नियामक, बीसीएएस ने एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्रोग्राम (ASP) को अपनी सहमति देते हुए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। यह विकासक्रम जेवर एयरपोर्ट के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है, क्योंकि अब हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था को परिचालन के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुरक्षित घोषित कर दिया गया है।
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, एएसपी की मंजूरी का अर्थ है कि हवाई अड्डे के पास अब वह वैधानिक अनुमति है जो यात्रियों और उड़ानों के सुरक्षित आवागमन के लिए आवश्यक होती है। इस एनओसी के प्राप्त होने से अब रनवे पर विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ की तकनीकी प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया जा सकता है। वर्तमान में एयरपोर्ट अथॉरिटी और प्रबंधन सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल को जमीनी स्तर पर परखने में जुटे हैं।
संचालन की निश्चित तारीख तय करने के लिए अब विमानन कंपनियों के साथ अंतिम दौर की चर्चाएं शुरू होंगी। एयरपोर्ट अधिकारियों का लक्ष्य है कि संचालन की शुरुआत बिना किसी तकनीकी या सुरक्षा संबंधी देरी के की जाए। इसके लिए हवाई अड्डे पर तैनात किए जाने वाले स्टाफ और परिचालन प्रणालियों का अंतिम रिहर्सल और प्रशिक्षण तेजी से चल रहा है।
उत्तर भारत के सबसे आधुनिक हवाई अड्डों की सूची में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हवाई परिवहन के क्षेत्र में व्यापक बदलाव आने की उम्मीद है। यह दिल्ली-एनसीआर के बढ़ते हवाई ट्रैफिक के बोझ को कम करने के साथ-साथ क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा। यात्रियों के लिए टिकटों की उपलब्धता और अन्य सुविधाओं की शुरुआत अब केवल कुछ ही समय की बात रह गई है।



