शेयर बाज़ार अपडेट :

घरेलू शेयर बाजार ने बुधवार, 29 अप्रैल को पिछले दिन की गिरावट को पीछे छोड़ते हुए शानदार वापसी की। सेंसेक्स 0.79% की बढ़त के साथ 77,496 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में 0.76% का सुधार देखा गया। आज के कारोबार में सबसे अधिक सक्रियता ऑटो, आईटी और एफएमसीजी क्षेत्र के शेयरों में रही, जहां निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। कल मंगलवार को बाजार दबाव में था और सेंसेक्स 417 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ था।
इस तेजी के पीछे एक बड़ा भू-राजनीतिक कारण यूएई का ओपेक समूह से अलग होने का ऐलान है। विश्लेषकों का तर्क है कि इस घटनाक्रम से कच्चे तेल के उत्पादन और कीमतों पर ओपेक का दबदबा कमजोर होगा। यदि बाजार में तेल की आपूर्ति बढ़ती है, तो कीमतों में कमी आने की उम्मीद है, जो भारत के व्यापार घाटे को कम करने में सहायक होगी। वर्तमान में ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है, जिसके पीछे हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली सप्लाई पर मंडराता संकट और बढ़ती मांग प्रमुख कारण हैं।
कॉर्पोरेट मोर्चे पर, फेडरल बैंक ने मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए मजबूत वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। बैंक के मुनाफे में करीब 23% की छलांग देखने को मिली है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट 1340.97 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 1090.94 करोड़ रुपये था। बैंक की कुल ऑपरेटिंग इनकम भी बढ़कर 7946.61 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई है।
आज के बाजार की दिशा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि निवेशक वैश्विक स्तर पर होने वाले नीतिगत बदलावों और घरेलू कॉर्पोरेट अर्निंग्स पर पैनी नजर रखे हुए हैं। जहां एक तरफ कच्चे तेल की ऊंची कीमतें चिंता का विषय हैं, वहीं दूसरी तरफ ओपेक की पकड़ ढीली होने की खबरों ने भारतीय बाजार में भविष्य के लिए एक उम्मीद जगाई है। निफ्टी का 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर बंद होना तकनीकी रूप से बाजार के लिए एक मजबूती का संकेत माना जा रहा है।



