गर्मी से झुलसते भारत को राहत की उम्मीद: यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में बदला मौसम, धूल भरी आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी

भारत के अधिकांश राज्य इस समय दोहरी मौसमी स्थितियों का सामना कर रहे हैं। एक तरफ जहां बांदा, खजुराहो और झारसुगुड़ा जैसे शहर 45°C से अधिक तापमान के साथ तप रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ ने दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और आंधी के जरिए राहत की दस्तक दी है। मौसम विभाग ने आगामी 3 मई तक कई राज्यों में लू से राहत मिलने और तापमान में 3°C तक की कमी आने की संभावना व्यक्त की है।
उत्तर प्रदेश के परिदृश्य में, नोएडा, संभल और मथुरा जैसे जिलों में बुधवार सुबह आंधी के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने राज्य के 58 जिलों में अलर्ट जारी किया है। इससे पहले प्रयागराज और आगरा सहित छह जिलों में ओलावृष्टि ने मौसम का मिजाज बदल दिया था। बिहार में भी 38 जिलों के लिए आंधी-पानी का अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें 19 जिलों को ‘ऑरेंज अलर्ट’ पर रखा गया है। विभाग का मानना है कि प्री-मानसून सिस्टम एक्टिव होने से यहां पारा गिरेगा और लोगों को उमस भरी गर्मी से निजात मिलेगी।
पहाड़ी राज्यों और मैदानी इलाकों के तापमान में भी उल्लेखनीय अंतर देखा जा रहा है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में बर्फबारी हुई है, जबकि चंपावत और पौड़ी में ओले गिरे हैं। इसके विपरीत, मध्य प्रदेश के ग्वालियर और मुरैना सहित 15 जिलों में अभी भी लू का अलर्ट जारी है। हरियाणा के फरीदाबाद और पलवल में बुधवार सुबह हुई बारिश से अधिकतम तापमान में 3.7°C की गिरावट आई है, जिससे स्थानीय निवासियों को झुलसाने वाली गर्मी से कुछ समय के लिए राहत मिली है।
आगामी दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान काफी व्यापक है। 30 अप्रैल और 1 मई को तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में मौसम गर्म और उमस भरा रहने की उम्मीद है, जबकि उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान के 15 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी के साथ पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जयपुर और अलवर जैसे शहरों में पारा पहले ही 5°C तक लुढ़क चुका है।



