आध्यात्म और आधुनिकता का संगम: काशी में पीएम मोदी का पूजन, आज यूपी को मिलेगी गंगा एक्सप्रेसवे की सौगात

उत्तर प्रदेश के दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बुधवार को वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के दरबार में मत्था टेका। मंदिर आगमन पर शंख की मधुर ध्वनि और डमरू वादन के बीच उनका स्वागत किया गया। यह यात्रा प्रधानमंत्री के आध्यात्मिक जुड़ाव के साथ-साथ राज्य के बुनियादी ढांचे को नई गति देने के व्यापक उद्देश्य का हिस्सा है।
पूजा अर्चना के दौरान प्रधानमंत्री ने पूर्ण विधि-विधान के साथ महादेव का अभिषेक और आरती की। भक्ति और श्रद्धा के माहौल में पीएम मोदी को मंदिर प्रबंधन द्वारा भेंट स्वरूप त्रिशूल और डमरू प्रदान किया गया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने ‘ओम नमः शिवाय’ के नारों के साथ उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने वहां विशेष रूप से स्थापित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को भी देखा। भीड़ में मौजूद बच्चों के साथ उनका आत्मीय संवाद विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जहां उन्होंने बैरिकेड्स के पास जाकर नन्हे प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार किया।
वाराणसी से सीधे हरदोई पहुंचकर प्रधानमंत्री गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। लगभग 36,230 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी क्षेत्रों को एक सूत्र में पिरोएगा। यह 6-लेन का एक्सेस-नियंत्रित ग्रीनफील्ड कॉरिडोर मेरठ, अमरोहा, बदायूं, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित प्रदेश के 12 प्रमुख जिलों से होकर गुजरता है। यह परियोजना न केवल हाई-स्पीड कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार देगी।
594 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के संचालन के साथ ही मेरठ और प्रयागराज के बीच परिवहन की दक्षता में जबरदस्त सुधार होगा और यात्रा का समय लगभग आधा रह जाएगा। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, उद्घाटन समारोह के बाद प्रधानमंत्री एक जनसभा के माध्यम से जनता को संबोधित करेंगे और सरकार की विकास प्राथमिकताओं को रेखांकित करेंगे। गंगा एक्सप्रेसवे को देश में विश्व-स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है।



