मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी में बाल संरक्षण और पॉक्सो एक्ट पर दो दिवसीय विधिक सेमिनार संपन्न

राजधानी के भौंरी स्थित मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी में 28 और 29 अप्रैल को किशोर न्याय (जेजे) अधिनियम और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर एक विशेष दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बाल संरक्षण तंत्र को अधिक सुदृढ़ बनाना और पुलिस अधिकारियों को संबंधित कानूनों की बारीकियों से अवगत कराना था।
यह महत्वपूर्ण आयोजन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं निदेशक श्री मो. शाहिद अबसार के निर्देशन और उप निदेशक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यशाला के दौरान “जेजे एक्ट एवं पॉक्सो एक्ट के विशेष पाठ्यक्रम, एसजेपीयू (SJPU), जेजेसी (JJC) एवं सीडब्ल्यूसी (CWC) की भूमिका” जैसे विषयों पर केंद्रित चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों और प्रक्रियात्मक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
सेमिनार में विभिन्न विधिक विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। नेशनल ज्यूडिशियल अकादमी की प्रोफेसर सुश्री पैकर नासिर, जेजे बोर्ड के सदस्य डॉ. कृपा शंकर चौबे, और नगरीय पुलिस भोपाल की एडीपीओ डॉ. मनीषा पटेल ने व्याख्यान दिए। साथ ही उप पुलिस अधीक्षक श्री नीरज नामदेव और अकादमी की एडीपीओ श्रीमती सुचित्रा वर्मा ने बाल अधिकारों की सुरक्षा और विभिन्न संस्थाओं के बीच समन्वय की आवश्यकता को रेखांकित किया।
दो दिनों तक चली इस कार्यशाला में मध्य प्रदेश पुलिस की विभिन्न इकाइयों से आए अधिकारी-कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने फील्ड में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और विधिक पहलुओं पर विशेषज्ञों से संवाद किया। सेमिनार का समापन 29 अप्रैल 2026 को हुआ, जिसकी अध्यक्षता उप निदेशक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने की। इस अवसर पर सहायक निदेशक प्रशिक्षण श्रीमती रश्मि पाण्डेय सहित अकादमी का वरिष्ठ स्टाफ मौजूद रहा।



