बिजली चोरी रोकने के लिए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की नई पहल, अब सूचना देने वालों को तुरंत मिलेगा प्रोत्साहन

मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से अपनी प्रचलित ‘पारितोषिक योजना’ के नियमों में बड़े बदलाव करते हुए इसे और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बना दिया है। कंपनी के नए संशोधनों के अनुसार, अब बिजली के अवैध उपयोग की सटीक जानकारी देने वाले मुखबिरों को इनाम की राशि के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई नीति के तहत, सूचना के आधार पर अंतिम निर्धारण आदेश (फाइनल असेसमेंट ऑर्डर) जारी होते ही कुल प्रोत्साहन राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा तत्काल प्रदान कर दिया जाएगा।
कंपनी द्वारा निर्धारित नई व्यवस्था के मुताबिक, सूचनाकर्ता को कुल देय 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि में से 5 प्रतिशत हिस्सा जांच रिपोर्ट के तुरंत बाद मिलेगा। वहीं, शेष 5 प्रतिशत राशि का भुगतान तब किया जाएगा जब आरोपी से बिजली चोरी की पूरी राशि वसूल ली जाएगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सूचनाकर्ताओं में विश्वास जगाना और बिजली चोरी के विरुद्ध चल रहे अभियान में जनभागीदारी को बढ़ाना है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़े इस योजना की सफलता की पुष्टि करते हैं। अब तक कुल 204 मामलों में सफल सूचनाकर्ताओं के बैंक खातों में 5.05 लाख रुपये की राशि सीधे स्थानांतरित की जा चुकी है। इसके अलावा, कंपनी ने जांच और वसूली की कार्यवाही में शामिल रहने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए भी प्रोत्साहन का मार्ग प्रशस्त किया है, जिन्हें उनके मासिक वेतन के साथ ही यह राशि प्रदान की जा रही है।
योजना के दायरे को विस्तार देते हुए अब इसमें नियमित और संविदा के साथ-साथ आउटसोर्स कर्मचारियों को भी सूचनाकर्ता के रूप में जोड़ा गया है। यदि इन कर्मचारियों की सूचना सही पाई जाती है और वसूली पूर्ण होती है, तो उन्हें 1 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। साथ ही, जांच दल में शामिल विभागीय अधिकारियों और आउटसोर्स कर्मियों के योगदान को देखते हुए उन्हें भी 2.5 प्रतिशत राशि समान रूप से वितरित की जा रही है।
गोपनीयता बनाए रखने के लिए कंपनी ने पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। सूचनाकर्ता कंपनी के आधिकारिक पोर्टल portal.mpcz.in या ‘उपाय’ ऐप के माध्यम से जानकारी दे सकते हैं। कंपनी मुख्यालय से सीधे बैंक खातों में राशि भेजी जा रही है ताकि क्षेत्रीय स्तर पर किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप न हो। कंपनी ने नागरिकों और उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे गुप्त सूचना देकर इस योजना का लाभ उठाएं और बिजली चोरी रोकने में सहयोग करें।



