पांच राज्यों के चुनावी नतीजे: बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत और असम में भाजपा की हैट्रिक

सोमवार को घोषित हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों ने देश की राजनीति में बड़े उलटफेर के संकेत दिए हैं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में सत्ता परिवर्तन हुआ है, जबकि असम और पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) अपनी सत्ता बचाने में सफल रहा। बंगाल में जहां भाजपा ने ममता बनर्जी के दस साल के शासन को खत्म कर पहली बार बहुमत हासिल किया, वहीं तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी ने दशकों पुराने द्रविड़ राजनीति के किलों को ध्वस्त कर दिया है।
पश्चिम बंगाल: 1972 के बाद पहली बार केंद्र और राज्य में एक ही दल पश्चिम बंगाल में भाजपा ने शून्य से शिखर तक का सफर तय करते हुए 206 सीटों के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत उनकी कैबिनेट के 12 मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा। 1972 के बाद यह पहला अवसर है जब बंगाल और दिल्ली में एक ही दल की सरकार होगी। इस जीत के साथ ही राज्य में घुसपैठ और प्रशासनिक नियंत्रण जैसे मुद्दों पर कड़े फैसलों की उम्मीद बढ़ गई है। फिलहाल मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा में सुवेंदु अधिकारी और सुकांत मजूमदार जैसे नामों पर चर्चा तेज है, हालांकि पार्टी किसी महिला चेहरे को भी कमान सौंप सकती है।
तमिलनाडु में ‘विजय’ का शंखनाद तमिलनाडु के चुनावी नतीजों ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है। अभिनेता थलपति विजय की दो साल पुरानी पार्टी TVK ने 108 सीटें जीतकर राज्य में DMK और AIADMK के 59 साल पुराने वर्चस्व को खत्म कर दिया है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी सीट नहीं बचा सके और उन्हें 8,795 मतों से पराजय झेलनी पड़ी। राज्य के इतिहास में 1967 के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि सत्ता की चाबी इन दो पारंपरिक द्रविड़ दलों के पास नहीं होगी।
असम में हिमंता का ‘क्लीन स्वीप’ असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की है। पार्टी ने 126 में से 82 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया। असम की राजनीति में यह पहली बार हुआ है कि सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा। भाजपा ने अपर असम और बराक वैली में पूरी तरह से बढ़त बनाए रखी, जबकि विपक्षी कांग्रेस केवल लोअर असम के कुछ हिस्सों तक ही सीमित रह गई।



