नरसिंहपुर में मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान: लाड़ली बहनों के खातों में भेजी 36वीं किस्त, मुंगवानी को मिली कॉलेज की सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को नरसिंहपुर जिले के ग्राम मुंगवानी में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की महिला शक्ति और विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में योजना की 36वीं किस्त के रूप में 1835 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की। इस अवसर पर उन्होंने 296 करोड़ रुपये की लागत वाले 40 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के लिए मातृशक्ति का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है और ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ उनके कल्याण के लिए संचालित देश की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि लाड़ली बहना योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है और अब तक इस योजना के तहत 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के आंकड़ों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान में प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से 6 पर महिला सांसद हैं, जबकि विधानसभा में 27 महिला विधायक और मंत्रिमंडल में 5 महिला मंत्री सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। बेटियों की शिक्षा के लिए 80 लाख छात्राओं को छात्रवृत्ति और लाड़ली लक्ष्मी योजना से 53 लाख बेटियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की बात भी उन्होंने कही।
किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए डॉ. यादव ने घोषणा की कि प्रदेश सरकार समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीदी सुनिश्चित कर रही है और उड़द की फसल पर 600 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश में गेहूं उपार्जन में शीर्ष पर है और किसानों की सुविधा के लिए खरीदी की अवधि 23 मई के बाद भी बढ़ाई जा सकती है। इसके साथ ही, पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए 25 पशु पालने वाले पशुपालकों को 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने मुंगवानी में नया महाविद्यालय खोलने और शेढ़ नदी पर 24 करोड़ रुपये की लागत से 250 मीटर लंबा पुल बनाने की महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने नरसिंहपुर के हॉकी स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ बिछाने और बुडेना बांध के निर्माण हेतु परीक्षण कराने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, डॉ. यादव ने मानवीय पहल करते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायलों के उपचार का 1.50 लाख रुपये तक का खर्च सरकार उठाएगी और घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले ‘नेक मददगारों’ को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
पर्यावरण और ऊर्जा संरक्षण की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर नागरिकों से ईंधन का न्यूनतम उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने स्वयं उदाहरण पेश करते हुए बताया कि उनके काफिले में वाहनों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर दी गई है। उन्होंने नागरिकों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए एक वर्ष तक सोना न खरीदने और रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर प्राकृतिक खेती अपनाने का भी आह्वान किया। कार्यक्रम में मंत्रियों, सांसदों और विधायकों सहित बड़ी संख्या में जनसमुदाय उपस्थित रहा।


