सतना में स्थापित होगी 50 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना, राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने जताया आभार

सतना जिले के औद्योगिक और ऊर्जा परिदृश्य को नई गति देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से 50 मेगावाट की सौर ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण परियोजना को स्वीकृति दी गई है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर नगरीय प्रशासन एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला से औपचारिक मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। यह परियोजना मध्य प्रदेश शासन के उस वृहद लक्ष्य का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य की कुल ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करने के लिए विभिन्न सौर परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है।
यह विशेष परियोजना राज्य सरकार की उस व्यापक रणनीति का अंग है, जिसमें 300 मेगावाट की दो अलग-अलग सौर परियोजनाएं (क्रमशः 4 और 6 घंटे के ऊर्जा भंडारण सहित) और 24 घंटे बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने वाली 200 मेगावाट की सौर परियोजना शामिल है। सतना के लिए स्वीकृत यह 50 मेगावाट की यूनिट न केवल बिजली उत्पादन बढ़ाएगी, बल्कि ऊर्जा भंडारण (एनर्जी स्टोरेज) तकनीक के उपयोग से जिले में अधिक स्थिर और निरंतर विद्युत आपूर्ति भी सुनिश्चित करेगी।
राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने इस अवसर पर कहा कि यह परियोजना सतना के सर्वांगीण विकास के लिए नए द्वार खोलेगी। उन्होंने जोर दिया कि इस पहल से स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के नए साधन सृजित होंगे और उद्योगों के लिए बिजली की बेहतर उपलब्धता होने से निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा। क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ यह परियोजना बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण में भी सहायक सिद्ध होगी, जिससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से भी यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने से कार्बन उत्सर्जन में प्रभावी कमी आएगी, जो हरित और सतत विकास के संकल्प को पूरा करने में मदद करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से सतना देश के मानचित्र पर एक उभरते हुए ‘ग्रीन एनर्जी हब’ के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा, जो भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए एक आदर्श मॉडल बनेगा।


