वैश्विक फिल्मिंग हब के रूप में उभरा मध्यप्रदेश, 80 से अधिक देशों में दिखाई जाएगी प्रदेश की ग्रामीण संस्कृति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के ग्रामीण पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को अब अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलने जा रही है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रयासों से राज्य एक ‘ग्लोबल फिल्मिंग हब’ के रूप में विकसित हो रहा है। इसी क्रम में स्पेन के प्रसिद्ध प्रोडक्शन हाउस ‘कलर्स कम्युनिकेशन ग्रुप’ ने अपनी अंतर्राष्ट्रीय टेलीविजन सीरीज़ “रूरल टूरिज्म ऑफ द वर्ल्ड” की शूटिंग मध्यप्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर संपन्न की है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से प्रदेश की जीवन शैली और पर्यटन केंद्रों का प्रदर्शन दुनिया के 80 से अधिक देशों में किया जाएगा।
फिल्म निर्माण के इस अंतर्राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के दौरान छिंदवाड़ा जिले की प्राकृतिक सुंदरता और यहाँ की जनजातीय संस्कृति प्रमुख आकर्षण का केंद्र रही। स्पेनिश फिल्म क्रू ने जिले के सावरवानी, धूसावानी, चिमटीपुर और तामिया क्षेत्रों का दौरा किया। टीम ने यहाँ के ग्रामीण जीवन, स्थानीय परंपराओं और पातालकोट की विशिष्ट जीवन शैली को अपने कैमरों में कैद किया। विशेष रूप से पातालकोट में जनजातीय विवाह की पारंपरिक रस्मों का फिल्मांकन किया गया। स्पेनिश डायरेक्टर जुआन फ्रूटोस ने स्थानीय आतिथ्य की सराहना करते हुए कहा कि भारत की वास्तविक जड़ों को समझने के लिए मध्यप्रदेश के गाँवों का अनुभव लेना अनिवार्य है।
यह उपलब्धि इसी वर्ष जनवरी 2026 में स्पेन में आयोजित ‘FITUR मैड्रिड 2026’ पर्यटन मेले के दौरान हुए समझौतों का परिणाम है। पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. और अपर प्रबंध संचालक श्री अभय अरविंद बेडेकर के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को एक ‘फिल्म फ्रेंडली डेस्टिनेशन’ के रूप में वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया गया है। इस सीरीज़ में ग्रामीण संस्कृति के साथ-साथ सांची स्तूप, भीमबेटका, सतपुड़ा नेशनल पार्क और उज्जैन के श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग जैसी ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक धरोहरों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है।
इस वैश्विक पहल से प्रदेश की ब्रांडिंग मजबूत होने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार, होमस्टे और हस्तशिल्प को बढ़ावा मिलेगा। छिंदवाड़ा जिला प्रशासन के समन्वय से सफल हुई यह शूटिंग राज्य को विश्व सिनेमा के मानचित्र पर स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगी। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा फिल्म क्रू को अनुमति, सुरक्षा और लॉजिस्टिक सहयोग प्रदान किया गया है। वर्तमान में मध्यप्रदेश न केवल ‘टाइगर स्टेट’ के रूप में जाना जाता है, बल्कि यह विश्व सिनेमा के लिए प्रकृति, संस्कृति और अध्यात्म से भरा एक जीवंत कैनवास बन चुका है।



