प्रधानमंत्री मोदी ने आइसलैंड की समकक्ष क्रिस्टर्न फ्रॉस्टडॉटिर से की मुलाकात, रणनीतिक संबंधों पर दी प्राथमिकता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओस्लो में आयोजित तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के मंच पर आइसलैंड की नवनियुक्त प्रधानमंत्री क्रिस्टर्न फ्रॉस्टडॉटिर के साथ एक द्विपक्षीय बैठक का नेतृत्व किया। यह बैठक दोनों नेताओं के बीच पहली आमने-सामने की आधिकारिक वार्ता थी। इस अवसर पर भारतीय प्रधानमंत्री ने फ्रॉस्टडॉटिर को आइसलैंड की सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस महत्वपूर्ण राजनयिक मुलाकात का मुख्य एजेंडा भारत और आइसलैंड के पारस्परिक संबंधों को नया विस्तार देना था। बैठक में विशेष रूप से भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के प्रभावी होने के बाद उत्पन्न हुए व्यापारिक संभावनाओं के परिदृश्य पर चर्चा की गई। दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने माना कि यह आर्थिक समझौता आपसी व्यापार, नए निवेश और औद्योगिक विनिर्माण को एक नई गति प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
साझा सहयोग के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए दोनों नेताओं ने जियोथर्मल एनर्जी, फिशरीज (मत्स्य पालन), इनोवेटिव टेक्नोलॉजी और क्रिएटिव इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में चल रही मौजूदा परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया। इसके साथ ही, पर्यटन को बढ़ावा देने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करने की दिशा में मिलकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। दोनों पक्षों ने आर्कटिक रिसर्च के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देने की इच्छा भी जताई।
बैठक के अंतिम चरण में, प्रधानमंत्री मोदी ने आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्टर्न फ्रॉस्टडॉटिर को भारत की आधिकारिक यात्रा पर आने का न्योता दिया। यह निमंत्रण दोनों देशों की सहमति से तय होने वाले एक पारस्परिक रूप से सुविधाजनक समय पर भारत आने के लिए दिया गया है, ताकि भावी सहयोग की रूपरेखा को और ठोस आकार दिया जा सके।



