बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ की मौत: जबलपुर में दोबारा होगा शव का परीक्षण, डीप फ्रीज में सुरक्षित रखा गया अवशेष
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक बाघ की मृत्यु के बाद तयशुदा नियमों (प्रोटोकॉल) के मुताबिक उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। अब उच्च अधिकारियों से मिले दिशा-निर्देशों के आधार पर नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) के क्षेत्रीय कार्यालय, नागपुर के प्रतिनिधि (एआईजी) की उपस्थिति में इस मृत बाघ का दोबारा परीक्षण किया जाएगा। इस बार यह प्रक्रिया जबलपुर स्थित स्कूल फॉर वाइल्डलाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ (SWFH) में पूरी की जाएगी, जिसके लिए तीन विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की एक टीम गठित की गई है। इस विशेष दल में जबलपुर SWFH की डॉ. निधि राजपूत, मुकुंदपुर के पशु चिकित्सक डॉ. अभय सँगेर और डब्ल्यूसीटी के पशु चिकित्सक डॉ. प्रशांत देशमुख को शामिल किया गया है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) ने इस संबंध में नई दिल्ली में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के सदस्य सचिव से विस्तृत चर्चा की है। इस उच्च स्तरीय बातचीत के बाद ही बाघ के शव का दोबारा परीक्षण कराने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद मृत देह को पूरी सुरक्षा के साथ जबलपुर स्थित SWFH केंद्र भेज दिया गया है। वहां आगामी जांच और पुनः परीक्षण की कार्रवाई होने तक शव को डीप फ्रीज में पूरी तरह सुरक्षित रखवाया गया है।
इस पूरी संवेदनशील घटना और उसके बाद की जा रही प्रशासनिक कार्रवाई पर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक लगातार नजर बनाए हुए हैं। वे इस मामले के हर घटनाक्रम की जानकारी साझा करने के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख के साथ-साथ प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के साथ निरंतर संपर्क में हैं, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमानुसार पूरी की जा सके।


