गुलमर्ग में केबल कार खराब होने से फंसे 300 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया, रक्षा मंत्री ने संयुक्त रेस्क्यू टीम की जांबाजी को सराहा

जम्मू-कश्मीर के विख्यात पर्यटक स्थल गुलमर्ग में सोमवार को बड़ा हादसा टल गया। यहाँ की प्रसिद्ध गोंडोला (केबल कार) सेवा में अचानक आई तकनीकी खराबी की वजह से हवा में अटके 300 पर्यटकों को एक सयुंक्त रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए सुरक्षित बचा लिया गया। इस बेहद चुनौतीपूर्ण और सफल बचाव अभियान को कुशलतापूर्वक पूरा करने पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सुरक्षा बलों और राहत एजेंसियों की जमकर पीठ थपथपाई है।
इस कामयाब रेस्क्यू ऑपरेशन की सराहना करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा कि गुलमर्ग में केबल कारों में फंसे सैकड़ों पर्यटकों को सुरक्षित निकालना हमारी आपदा प्रबंधन टीमों की मुस्तैदी, उनके पेशेवर कार्यबल, अदम्य साहस और बेहतरीन आपसी तालमेल का जीता-जागता उदाहरण है। उन्होंने इस कठिन रेस्क्यू को अंजाम देने वाली भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और नागरिक प्रशासन की संयुक्त टीम के दृढ़ संकल्प को सलाम किया और कहा कि पूरा देश सेवा में जुटे इन जांबाजों के समर्पण की प्रशंसा करता है।
यह पूरी घटना सोमवार को उस समय शुरू हुई जब गुलमर्ग गोंडोला के मुख्य बेस स्टेशन से फेज-1 कोंगडोरी के बीच का केबल कार लिंक तकनीकी खामी की वजह से अचानक ठप हो गया। इसके चलते दर्जनों पर्यटक हवा में लटक रहे केबिनों के भीतर ही फंस गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जब जम्मू-कश्मीर पुलिस और गोंडोला प्रबंधन ने मदद की गुहार लगाई, तो भारतीय सेना ने बिना वक्त गंवाए तुरंत मोर्चा संभाल लिया। सेना की बुटापथरी बटालियन के विशेष रेस्क्यू दस्तों को तुरंत मौके के लिए रवाना किया गया।
रेस्क्यू टीमों को मौके पर बेहद खराब मौसम, घने बादलों और कड़कड़ाती बर्फीली हवाओं जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिससे वहां कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। इसके बावजूद सेना, एसडीआरएफ और अन्य प्रशासनिक विभागों ने मिलकर संयुक्त स्तर पर तेजी से काम किया। इस तकनीकी गड़बड़ी की वजह से कुल 65 केबल कारें प्रभावित हुई थीं। राहत कार्य में तेजी लाने के लिए गुलमर्ग एटीवी एसोसिएशन के अतिरिक्त वाहनों को भी काम पर लगाया गया, क्योंकि केबल कार सेवा को तत्काल चालू कर पाना मुमकिन नहीं दिख रहा था।
उल्लेखनीय है कि गुलमर्ग की यह रोपवे प्रणाली दुनिया के सबसे ऊंचे और विशाल केबल कार नेटवर्क में शुमार की जाती है। इस पूरे सिस्टम में कुल 108 केबिन संचालित होते हैं, जिनमें से प्रत्येक केबिन में एक बार में छह व्यक्तियों के बैठने की क्षमता होती है। गर्मियों के मौसम में इस खूबसूरत घाटी का दीदार करने और बर्फीली पहाड़ियों के नजारों का लुत्फ उठाने के लिए देश-विदेश से हर साल भारी तादाद में सैलानी यहाँ का रुख करते हैं।



