द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग के बीच अहम वार्ता

रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा हितों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस मुलाकात में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की गई तथा व्यापार, रक्षा, तकनीकी सहयोग और आपूर्ति श्रृंखला के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि एक सुरक्षित, स्वतंत्र और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थापना के लिए दोनों देशों का एकजुट होकर काम करना अत्यंत आवश्यक है।

बैठक के मुख्य बिंदुओं को साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर लिखा कि ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग की मेजबानी करके उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि दोनों देशों के मध्य रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। रक्षा विनिर्माण, व्यापारिक आदान-प्रदान, नई तकनीकों और वैश्विक सप्लाई चेन को संकटों से बचाने के लिए दोनों पक्ष मिलकर काम करने पर राजी हुए हैं। पीएम मोदी के अनुसार, दोनों ही राष्ट्र हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति और समृद्धि के साझा विजन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

दूसरी ओर, मंगलवार को संपन्न हुई क्वाड बैठक के मंच से पेनी वोंग ने इस गठबंधन की नई प्राथमिकताओं की घोषणा की। उन्होंने बताया कि क्वाड समूह अब केवल चर्चाओं तक सीमित न रहकर धरातल पर काम कर रहा है। इसके तहत ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और फिजी में आधुनिक बंदरगाह बुनियादी ढांचे को विकसित करने जैसी कई नई पहलों की शुरुआत की जा रही है। विदेश मंत्री ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य ऐसे परिणाम लाना है जिनका सीधा और सकारात्मक प्रभाव क्षेत्र के आम लोगों पर दिखाई दे।

अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर बात करते हुए ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री ने माना कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक चुनौतियां और आर्थिक अस्थिरता तेजी से बढ़ रही हैं। वर्तमान अनिश्चित वैश्विक माहौल की चर्चा करते हुए उन्होंने आगाह किया कि होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के बाधित होने की आशंकाएं दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक चक्के को प्रभावित कर सकती हैं। इस संदर्भ में उन्होंने वैश्विक व्यापारिक मार्गों को खुला रखने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा की जा रही कूटनीतिक पहलों को बेहद सराहनीय बताया।

इसी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी के साथ भी एक अन्य महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और जापान के बीच की विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक भागीदारी का दायरा बेहद व्यापक है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के यह प्रगाढ़ संबंध पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र और विश्व भर में शांति व्यवस्था, स्थिरता तथा विकास को नई गति देने में निरंतर अपनी अहम भूमिका निभाते रहेंगे।

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