टी-20 श्रृंखला के पहले मुकाबले में भारतीय महिला टीम की शानदार जीत, इंग्लैंड को 38 रनों से दी शिकस्त

चेम्सफोर्ड में खेले गए तीन मैचों की टी-20 श्रृंखला के शुरुआती मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने मेजबान इंग्लैंड को 38 रनों से पराजित कर दिया। नियमित कप्तान हरमनप्रीत कौर की अनुपस्थिति में टीम की कमान संभाल रहीं उपकप्तान स्मृति मंधाना के नेतृत्व में भारत ने इस जीत के साथ ही श्रृंखला में 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है। मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 188 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम 8 विकेट पर 150 रन ही बना सकी।
मैच की शुरुआत भारत के लिए बेहद निराशाजनक रही। इंग्लैंड द्वारा आमंत्रित किए जाने के बाद बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने पावरप्ले के शुरुआती दौर में ही अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए। तेज गेंदबाज लॉरेन बेल ने मैच के पहले ही ओवर में कप्तान स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा को पवेलियन भेजकर भारत का स्कोर 7 रन पर 2 विकेट कर दिया। इस शुरुआती झटके के बाद जेमिमा रोड्रिग्स और यास्तिका भाटिया ने मोर्चा संभाला और ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए छह ओवर की समाप्ति तक टीम का स्कोर 73 रनों तक पहुंचा दिया।
लगभग दो वर्षों के अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर रही विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने मैदान पर बेहद आक्रामक रुख अपनाया। अप्रैल 2024 के बाद अपना पहला मुकाबला खेल रही यास्तिका ने विपक्षी गेंदबाज इसी वोंग के एक ओवर में चार चौकों की मदद से 27 रन बटोरे और सोफी एसलस्टोन की गेंद पर एक शानदार छक्का भी जड़ा। उन्होंने महज 31 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। जेमिमा रोड्रिग्स (69 रन) और यास्तिका भाटिया (54 रन) ने तीसरे विकेट के लिए 76 गेंदों में 126 रनों की शतकीय साझेदारी कर भारत को एक विशाल स्कोर की ओर अग्रसर किया।
इंग्लैंड की ओर से लॉरेन बेल ने शुरुआती सफलताएं जरूर दिलाईं, लेकिन टीम की ढीली फील्डिंग का भारतीय बल्लेबाजों ने भरपूर फायदा उठाया। इस बीच यास्तिका भाटिया, टिली कॉर्टिन-कोलमैन के एक सटीक थ्रो पर रन आउट हुईं, जबकि शानदार बल्लेबाजी कर रहीं जेमिमा को चार्ली डीन ने अपना शिकार बनाया। अंतिम ओवरों में ऋचा घोष और भारती फुलमाली सस्ते में पवेलियन लौट गईं, लेकिन ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने सूझबूझ से बल्लेबाजी करते हुए 22 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया, जिसकी बदौलत भारत 188 के चुनौतीपूर्ण योग तक पहुंचने में सफल रहा।
जीत के लिए 189 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही और उसने 37 रन के कुल योग पर अपने दो प्रमुख विकेट खो दिए। इसके बाद एमी जोन्स और हीथर नाइट ने पारी को संभालते हुए तीसरे विकेट के लिए 64 रनों की साझेदारी की। इस दौरान कप्तान हीथर नाइट ने इंग्लैंड के लिए क्रिकेट के सभी प्रारूपों में सर्वाधिक 310 मैच खेलने वाली खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। दूसरी ओर, एमी जोन्स ने 48 गेंदों में 67 रनों की संघर्षपूर्ण अर्धशतकीय पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से किसी भी बल्लेबाज का सहयोग न मिलने के कारण टीम लक्ष्य से दूर रह गई।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पदार्पण कर रहीं भारतीय गेंदबाज नंदनी शर्मा ने मैच के एक ही ओवर में पासा पलट दिया। अपने स्पेल के पहले ओवर में गेंदबाजी करने आईं नंदनी ने लगातार दो गेंदों पर एमी जोन्स और डैनी गिब्सन को शेफाली वर्मा के हाथों कैच आउट कराया। हालांकि वह हैट्रिक से चूक गईं क्योंकि चार्ली डीन ने अगली गेंद को सुरक्षित खेल लिया, लेकिन दो गेंद बाद ही नंदनी ने इसी वोंग को क्लीन बोल्ड कर भारतीय टीम की जीत सुनिश्चित कर दी। नंदनी ने अपने डेब्यू मैच में 3 विकेट चटकाए, जिससे इंग्लैंड की टीम पूरी तरह बिखर गई और भारत ने यह मैच 38 रनों से अपने नाम कर लिया।



