मौसम अपडेट :

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने तीन दिनों के विलंब के बाद गुरुवार को केरल के रास्ते देश में प्रवेश कर लिया है, जिससे देश के कई हिस्सों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने की उम्मीद बंधी है। मानसून के आगमन के साथ ही देश में जून से सितंबर तक चलने वाले चार महीनों के वर्षा काल की शुरुआत हो गई है। केरल के साथ-साथ यह तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ इलाकों तक पहुंच चुका है तथा अगले 3-4 दिनों में इसके गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और शेष दक्षिणी राज्यों में आगे बढ़ने के अनुकूल संकेत हैं। इस बीच, देश के 11 राज्यों में प्री-मानसून और मौसमी बदलाव के कारण आई तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिससे अलग-अलग हादसों में पांच लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
सामान्य तौर पर 1 जून को केरल तट पर पहुंचने वाला मानसून लगभग 45 दिनों में पूरे भारतीय उपमहाद्वीप को कवर करता है। इसके बाद, सितंबर के मध्य (लगभग 17 सितंबर) से राजस्थान के रास्ते इसकी वापसी की प्रक्रिया आरंभ होती है, जो 15 अक्टूबर तक पूरी तरह संपन्न हो जाती है। हालांकि इस साल इसके आगमन में थोड़ी देरी हुई है, लेकिन प्री-मानसून की गतिविधियों ने उत्तर और मध्य भारत को पहले ही प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
विमान सेवाएं बाधित और प्रमुख दुर्घटनाएं
गुरुवार को आए तेज तूफान के चलते उत्तर प्रदेश के 12 शहरों और दिल्ली-एनसीआर में भारी व्यवधान उत्पन्न हुआ। नोएडा में तेज हवाओं के कारण तकरीबन 400 पेड़ जड़ से उखड़ गए, जबकि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी के कारण 80 से अधिक पेड़ गिर गए। मौसम की इस खराबी का सीधा असर हवाई यातायात पर पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप दिल्ली-एनसीआर आने वाली 11 उड़ानों और जयपुर में दिल्ली जाने वाली 4 फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा। इसके अतिरिक्त, राजस्थान के श्रीगंगानगर में भारी ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।
इस खराब मौसम के कारण देश के तीन राज्यों से जान-माल के नुकसान की दुखद खबरें आईं। हरियाणा के फरीदाबाद में एक फ्लाईओवर के निर्माण स्थल पर लगी भारी क्रेन अनियंत्रित होकर पास खड़े कंटेनर पर पलट गई, जिसके मलबे में दबने से 3 मजदूरों की मौत हो गई। बिहार के भागलपुर में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मां-बेटी की झुलसकर मौत हो गई। वहीं, राजस्थान के भरतपुर जिले में तेज आंधी के कारण एक मकान की दीवार ढह गई, जिसकी चपेट में आने से एक महिला ने दम तोड़ दिया।
आगामी 48 घंटों का मौसम पूर्वानुमान
6 जून की स्थिति: मौसम वैज्ञानिकों ने शनिवार को मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जहां तेज आंधी-तूफान आने की प्रबल आशंका है। वहीं, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, केरल, कर्नाटक, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी वर्षा का अनुमान व्यक्त किया गया है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मध्य महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओले गिरने की चेतावनी दी गई है।
7 जून की स्थिति: रविवार को उत्तर भारत के मैदानी इलाकों—पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश सहित राजस्थान के कई हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के चुनिंदा क्षेत्रों में आंधी के साथ बारिश की स्थिति बनी रहेगी। दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में भारी वर्षा की संभावना के बीच केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में बादल बरसेंगे। पूर्वोत्तर के सातों राज्यों (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा) में भी आंधी-तूफान के साथ बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
प्रादेशिक मौसम विश्लेषण
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मध्य प्रदेश: राज्य के आधे हिस्से में पिछले दो दिनों से प्री-मानसून की गतिविधियां सक्रिय हैं। भोपाल में गुरुवार शाम को आए तीव्र बवंडर के बाद आज भी भोपाल और इंदौर समेत करीब 45 जिलों में बारिश को लेकर प्रशासनिक अलर्ट जारी किया गया है।
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राजस्थान: मरुधरा में मानसून का प्रवेश जुलाई के प्रथम सप्ताह में होने की संभावना है। फिलहाल प्री-मानसून के चलते जयपुर में रातभर वर्षा होती रही। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 22 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है।
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उत्तर प्रदेश: राज्य के 38 जिलों में आंधी-बारिश की आशंका के मद्देनजर अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें 21 जिलों के लिए ‘ऑरेंज’ और 17 के लिए ‘येलो’ अलर्ट शामिल है। शुक्रवार सुबह लखनऊ और आगरा समेत पांच शहरों में पानी गिरा। उत्तर प्रदेश में मानसून 18 जून तक गोरखपुर के रास्ते दाखिल होकर 22 जून तक लखनऊ पहुंचेगा।
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बिहार: सूबे में मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। चंपारण, सीतामढ़ी और अररिया सहित 12 जिलों में जहां वर्षा का ‘येलो अलर्ट’ है, वहीं पटना, गया, नालंदा, जहानाबाद, नवादा, लखीसराय और बेगूसराय समेत 26 जिलों में भीषण लू (हीटवेव) का प्रकोप रहेगा, जहां तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है।
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हरियाणा: राज्य के 16 जिलों में मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बारिश होने का अनुमान लगाते हुए लोगों को घरों में सुरक्षित रहने की सलाह दी है। यह स्थिति अगले 2 से 3 दिनों तक बनी रह सकती है।
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उत्तराखंड: देवभूमि के सभी जिलों में आज वर्षा की संभावना जताई गई है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत सहित 7 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ प्रभावी किया गया है। देहरादून में तेज हवाओं के चलते चलती गाड़ियों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ है।



