दादरा-नगर हवेली और दमन-दीव में विकास के नए युग की शुरुआत, प्रधानमंत्री ने किया कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण

दमन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन और दीव के लिए हजारों करोड़ रुपये की कई महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और कुछ का उद्घाटन किया। इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र के निवासियों ने प्रगति के जो सपने दशकों पहले देखे थे, वे अब धरातल पर साकार हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन से जुड़ी ये कड़ियां स्थानीय जनता के रहन-सहन को आसान बनाएंगी और युवाओं के सुनहरे भविष्य का निर्माण करेंगी। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र देश के सामने सुशासन और तीव्र विकास की एक नई मिसाल पेश कर रहा है।
अपने वक्तव्य के दौरान प्रधानमंत्री ने देश की आर्थिक प्रगति का ब्यौरा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि तमाम वैश्विक चुनौतियों और आर्थिक मोर्चे पर जारी उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रही है। ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 7.7 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है, वहीं मार्च तिमाही में यह आर्थिक वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह ऐतिहासिक सफलता देश के 140 करोड़ नागरिकों की सामूहिक भागीदारी, लगातार हो रहे ढांचागत सुधारों और बुनियादी ढांचे में किए जा रहे निवेश की बदौलत संभव हो सकी है।
पर्यावरण के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रधानमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस का जिक्र किया और कहा कि पारिस्थितिक तंत्र का संरक्षण और आधुनिक विकास दोनों एक साथ आगे बढ़ने चाहिए। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत लगभग एक लाख नए पौधे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने गर्व व्यक्त किया कि यह केंद्र शासित प्रदेश अपने सभी सरकारी भवनों को शत-प्रतिशत सौर ऊर्जा से संचालित करने की उपलब्धि पा चुका है और दीव में दिन के समय बिजली की पूरी आपूर्ति सौर स्रोतों से ही की जा रही है। उन्होंने घरों की छतों पर लगने वाले रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स की प्रगति को भी सराहा।
पर्यटन और बुनियादी ढांचे के कायाकल्प पर चर्चा करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि नमो एयरपोर्ट, दमणगंगा नदी पर बनने वाला आकर्षक आइकॉनिक पुल, कन्वेंशन सेंटर और बीच फ्रंट के विकास से जुड़े कार्य इस क्षेत्र के भविष्य को एक नई दिशा देंगे। इन आधुनिक परियोजनाओं से व्यापार, लॉजिस्टिक्स, टूरिज्म और होटल व्यवसाय को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र की प्रगति को आंकड़ों के जरिए स्पष्ट करते हुए कहा कि वर्ष 2021 में जहां केवल 6 लाख सैलानी यहां आए थे, वहीं साल 2025 में यह आंकड़ा तेजी से बढ़कर लगभग 50 लाख तक पहुंच गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाना सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल है। आयुष्मान भारत योजना, डिजिटल हेल्थ मिशन और जन औषधि केंद्रों के संचालन से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बहुत बड़ी वित्तीय राहत मिली है। इन जनकल्याणकारी प्रयासों के कारण इस वर्ग के करीब सवा दो लाख करोड़ रुपये की सीधी बचत हुई है। उन्होंने दमन में नमो अस्पताल की शुरुआत और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधारों का भी विशेष तौर पर उल्लेख किया।
शिक्षा और कौशल उन्नयन के मोर्चे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक विद्यालयों, स्मार्ट कक्षाओं और राष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थानों की स्थापना से स्थानीय छात्र-छात्राओं को अब उच्च शिक्षा के लिए अन्य राज्यों का रुख करने की आवश्यकता नहीं रह गई है। स्वामी विवेकानंद एजुकेशन हब, नए कौशल विकास पाठ्यक्रम, ड्रोन टेक्नोलॉजी से जुड़े कोर्स और निफ्ट (NIFT) परिसर जैसी महत्वपूर्ण पहल युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अवसरों के योग्य बना रही हैं। उन्होंने खेलो इंडिया के माध्यम से प्रतिभाओं को निखारने, दीव को बीच स्पोर्ट्स के केंद्र के रूप में विकसित करने तथा खानवेल एवं दमन में क्रमशः फुटबॉल और वॉलीबॉल ट्रेनिंग सेंटरों की स्थापना की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लक्षद्वीप में आधुनिक पोर्ट प्रोजेक्ट्स के जरिए ‘ब्लू इकोनॉमी’ भारत की प्रगति का एक नया आधार बनेगी।
संबोधन के अंत में उद्योगों और लघु व्यापारों की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मैन-मेड फाइबर और प्लास्टिक एक्सपोर्ट के क्षेत्र में दादरा एवं नगर हवेली और दमन-दीव अपनी मजबूत साख बना चुके हैं। एमएसएमई और अन्य व्यावसायिक इकाइयों को दी जा रही वित्तीय सहायता के बल पर यह क्षेत्र आने वाले समय में देश के सबसे बड़े विनिर्माण केंद्रों में से एक बनेगा। उन्होंने कहा कि जब संवेदनशील शासन व्यवस्था विकासपरक सोच के साथ काम करती है, तो उसके परिणाम बहुत तेजी से दिखाई देते हैं। क्षेत्र के उद्यमियों, श्रमिकों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने भरोसा दिया कि केंद्र सरकार उनके सपनों को पूरा करने के लिए हर मोड़ पर पूरी मजबूती से साथ खड़ी है।



