देश में मानसून का विस्तार: आंध्र, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर के राज्यों में आगमन, केरल में रेड अलर्ट और उत्तर भारत में तेज हवाओं के साथ बारिश

निर्धारित समय से तीन दिन की देरी के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपनी गति बढ़ा दी है। शनिवार को मौसम विभाग ने इसके आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम और मणिपुर के क्षेत्रों में पहुंचने की आधिकारिक घोषणा की। इससे पहले मानसून केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा के अधिकांश हिस्सों को अपनी जद में ले चुका था। मानसून के आगे बढ़ने के साथ ही देश के उत्तर और मध्य भागों में प्री-मानसून वेदर एक्टिविटी काफी तीव्र हो गई है। मौसम विभाग (IMD) ने राजधानी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि गुजरात में फिलहाल यह गतिविधियां थमी हुई हैं।

केरल के कई हिस्सों में मानसून काल की भीषण वर्षा का दौर आरंभ हो चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र ने मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए अत्यधिक भारी वर्षा का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। त्रिशूर जिले में एक दुर्घटना के दौरान पेड़ गिरने से एक नागरिक की असामयिक मृत्यु हो गई। आपातकालीन उपायों के तहत वायनाड और कासरगोड के विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया गया है, तथा पर्वतीय क्षेत्रों में रात्रि यात्रा और ट्रैकिंग गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। उधर, बिहार राज्य में प्री-मानसून की आंधी के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई।

आगामी दिनों के मौसमी परिदृश्य को साझा करते हुए आईएमडी ने बताया कि अगले तीन दिनों में मानसून के पूर्वोत्तर के सभी बचे हुए राज्यों और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। इसके बाद, अगले 10 दिनों की अवधि में इसके बिहार, झारखंड और ओडिशा में प्रवेश करने की प्रबल संभावना है। हालांकि, मौसम पूर्वानुमान संस्था स्काईमेट वेदर के विशेषज्ञ जीपी शर्मा के अनुसार, वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में किसी मजबूत चक्रवातीय या कम दबाव की प्रणाली (मौसम सिस्टम) के सक्रिय न होने के कारण मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में मानसून की शुरुआती रफ्तार कुछ धीमी देखी जा सकती है।

यदि क्षेत्रीय स्तर पर मौसम की स्थिति देखें, तो जिन राज्यों में प्री-मानसून की बौछारें और आंधी आ रही है, वहां के तापमान में 5 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की उल्लेखनीय गिरावट आई है। इसके विपरीत, कुछ राज्य अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं। आंध्र प्रदेश में मौसम विभाग ने हीटवेव (लू) की चेतावनी जारी रखी है, जबकि ओडिशा के 8 प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के स्तर को पार कर गया है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी, बांदा, कानपुर और प्रयागराज जैसे शहरों में भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, जहां मौसम विभाग ने 9 जून से ग्रीष्म लहर के एक नए दौर की आशंका व्यक्त की है।

आगामी दो दिनों (6 और 7 जून) के देशव्यापी मौसम का पूर्वानुमान इस प्रकार है:

दिनांक अत्यधिक भारी/भारी वर्षा का अनुमान आंधी-तूफान और तेज हवाएं
6 जून केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु ओडिशा, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश
7 जून केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, लक्षद्वीप और आंध्र प्रदेश राजस्थान (30-50 किमी/घंटा हवा), पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार और झारखंड

प्रादेशिक मौसम बुलेटिन के अनुसार, राजस्थान के 25 जिलों में शनिवार को आंधी-बारिश का अलर्ट है, जिसके चलते वहां तापमान गिरा है, लेकिन 8 जून से भारत-पाक सीमावर्ती क्षेत्रों में तीव्र हीटवेव की वापसी होगी। मध्य प्रदेश के गुना और सीहोर सहित 7 जिलों में 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी का ऑरेंज अलर्ट है; यहां मानसून 20 से 22 जून के बीच आ सकता है। उत्तर प्रदेश में 24 घंटे बाद पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव समाप्त होने से पिछले 12 दिनों से जारी आंधी-पानी पर विराम लगेगा और 9 जून से गर्मी दोबारा बढ़ेगी।

बिहार के बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, कटिहार और जमुई में सुबह से ही 60 किमी प्रति घंटे की आंधी के साथ भारी वर्षा हो रही है, जिससे राज्य के 27 जिलों में चेतावनी जारी की गई है। हरियाणा के महेंद्रगढ़ और सिरसा सहित 7 जिलों में 50 किमी प्रति घंटे की हवाओं का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में रायपुर और बिलासपुर 42.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहे, जहां अगले 5 दिनों तक आंधी-बारिश का दौर चलेगा। झारखंड के चतरा और गोड्डा में शनिवार सुबह वर्षा दर्ज की गई। पंजाब में मानसून के 20 से 25 जून तक पहुंचने की उम्मीद है और शनिवार को 7 जिलों में बारिश का अलर्ट है। उत्तराखंड के पहाड़ी मार्गों पर वर्षा और बिजली कड़कने के कारण चारधाम यात्रा रूट पर भूस्खलन का संकट गहरा गया है, जिससे प्रशासन ने यात्रियों को सतर्क रहने को कहा है।

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