मौसम अपडेट :

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, गुरुवार को मानसून की बंगाल की खाड़ी से उठने वाली शाखा बिहार के सीमावर्ती जिलों में दाखिल हो गई है, जबकि मुंबई में इसकी रफ्तार अभी थोड़ी धीमी बनी हुई है। 4 जून को केरल के तट को छूने के बाद मानसून बीते 8 दिनों में देश के 17 राज्यों को अपनी जद में ले चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आगामी 72 घंटों के भीतर यह झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा देगा।
गुरुवार रात को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-एनसीआर) तथा हरियाणा के विस्तृत भूभाग पर 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली अंधड़ ने भीषण गर्मी से परेशान नागरिकों को राहत दी। दूसरी ओर, बिहार के 12 जिलों में चक्रवाती हवाओं के साथ हुई भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 10 नागरिकों की जान चली गई। वर्तमान में देश के पश्चिमी राज्य गुजरात को छोड़कर शेष सभी प्रदेशों में प्री-मानसून की गतिविधियां निरंतर जारी हैं।
मौसम विभाग ने देश के मध्य और उत्तरी हिस्सों सहित कुल 22 राज्यों (जैसे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब) के लिए आंधी-तूफान और भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इसके अतिरिक्त, राजस्थान के मरुस्थलीय इलाकों में धूल भरी आंधी चलने, कोंकण और गोवा के तटीय भागों में अत्यधिक उमस रहने तथा कर्नाटक व केरल के समुद्री तटों पर तेज गति से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। इसके विपरीत, विदर्भ, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में तीव्र हीटवेव का प्रकोप रहेगा, जहां अधिकतम तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किए जाने की आशंका है।
वैश्विक जलवायु परिदृश्य पर नजर डालें तो अमेरिकी संगठन ‘नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन’ (NOAA) ने प्रशांत महासागर की सतह के गर्म होने के कारण ‘अल नीनो’ के आधिकारिक प्रादुर्भाव की घोषणा की है। पर्यावरण वैज्ञानिकों का मत है कि इस बार का अल नीनो वर्ष 1997 के रिकॉर्ड स्तर के समान या उससे भी अधिक तीव्र हो सकता है। इस बात की 63 प्रतिशत संभावना व्यक्त की गई है कि इस वर्ष के अंत तक यह अल नीनो वर्ष 1950 के बाद के इतिहास के सबसे बड़े मौसमी घटनाक्रमों में तब्दील हो जाएगा।
तापमान के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो प्री-मानसून वर्षा के बाद भी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना और हरियाणा के कई नगरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के स्तर को पार कर गया। पंजाब के बठिंडा में देश का सर्वाधिक तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद राजस्थान के श्रीगंगानगर में 44.6 डिग्री, महाराष्ट्र के वर्धा में 44.5 डिग्री, उत्तर प्रदेश के झांसी में 43.4 डिग्री और मध्य प्रदेश के खजुराहो में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
आगामी दो दिनों की मौसमी रूपरेखा:
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13 जून: दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 50 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ आंधी और बारिश की संभावना है। पर्वतीय राज्यों (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड) में वर्षा के साथ ओले गिर सकते हैं। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य बारिश तथा कर्नाटक व केरल के तटीय क्षेत्रों में अतिवृष्टि का अनुमान है।
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14 जून: दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के वायुमंडल में विक्षोभ के कारण 50-70 किमी/घंटे की गति से अंधड़ और वर्षा हो सकती है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है। इसके साथ ही बिहार, झारखंड और ओडिशा में आंधी-पानी तथा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना है, जहां मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओले भी गिर सकते हैं।
प्रादेशिक मौसम की स्थिति:
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राजस्थान: मरुप्रदेश में शुक्रवार को भी पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से 20 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट प्रभावी है। हालांकि, जैसलमेर में अधिकतम तापमान 46 डिग्री और चूरू व श्रीगंगानगर में 44 डिग्री से ऊपर बना रहा। बीते दिन श्रीगंगानगर में अंधड़ के साथ ओलावृष्टि हुई।
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मध्य प्रदेश: सूबे में मानसून की आमद अब अपने निर्धारित समय से 4 दिन विलंब से यानी 17-18 जून के आसपास होने की संभावना है। गुरुवार को सिवनी और दतिया में वर्षा हुई, जबकि ग्वालियर 42 डिग्री पर तपता रहा। भिंड-मुरैना सहित छह जिलों में ओलों का अलर्ट है।
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उत्तर प्रदेश: राज्य के अधिकांश हिस्सों में प्री-मानसून सक्रिय है। विभाग ने शुक्रवार को 17 जिलों में ओलावृष्टि तथा 65 जिलों में धूल भरी आंधी और वर्षा का अलर्ट जारी किया है। बांदा जिला 45.4 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म क्षेत्र रिकॉर्ड किया गया।
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बिहार: मानसून ने किशनगंज, अररिया, सुपौल, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा और मधुबनी जिलों के रास्ते सूबे में प्रवेश किया है, जिससे तापमान में 10 डिग्री तक की भारी गिरावट आई है। हालांकि, गुरुवार को वज्रपात के कारण 5 जिलों में 10 लोगों की मौत हो गई। शुक्रवार को पटना और गया समेत 18 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
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हरियाणा: भिवानी में गुरुवार को सर्वाधिक 45 डिग्री तापमान रहा, लेकिन देर रात आए 80 किमी/घंटे की रफ्तार वाले अंधड़ और बारिश ने मौसम बदल दिया। कई स्थानों पर वृक्ष धराशायी हो गए। मौसम विभाग ने आज भी सभी 22 जिलों में ओले और बारिश की चेतावनी दी है।
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झारखंड: राज्य के 18 जिलों में 13 जून तक के लिए आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां हवा की गति 60 किमी/घंटे तक हो सकती है। राज्य में अगले 3 दिनों के भीतर मानसून के प्रवेश की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।
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पंजाब और चंडीगढ़: संगरूर में गुरुवार को 111 किमी/घंटे की रफ्तार से आए विनाशकारी तूफान के कारण बिजली का बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि इससे पारे में 3.8 डिग्री की गिरावट आई। आज भी दोनों क्षेत्रों में 60-70 किमी/घंटे की आंधी और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट है।
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उत्तराखंड: पर्वतीय जिलों चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और बागेश्वर में सुबह से ही रुक-रुक कर वर्षा जारी है। मौसम विभाग ने 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बदरीनाथ धाम में तेज बारिश की चेतावनी के कारण तापमान गिरने से ठंड बढ़ने के आसार हैं।
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हिमाचल प्रदेश: शिमला सहित कई इलाकों में आए भीषण तूफान से पेड़ गिरने और मलबे में गाड़ियां दबने की रिपोर्ट है, जबकि लाहौल-स्पीति और भरमौर की चोटियों पर ताजा बर्फबारी हुई है। आज ओलावृष्टि की आशंका के साथ ही 17 जून तक बारिश होने से तापमान में 4 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है।
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छत्तीसगढ़: राजधानी रायपुर सहित कई हिस्सों में गुरुवार शाम आई तेज आंधी और बारिश के बाद तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी देखी गई है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 48 से 72 घंटों में मानसून राज्य में प्रवेश कर सकता है। बीते दिन राजनांदगांव 43 डिग्री तापमान के साथ सबसे गर्म रहा।



