मध्यप्रदेश में लागू होगा सायबर सुरक्षा केंद्र, एमएसएमई को 360 करोड़ की सहायता और यूसीसी पर मांगे गए जनता के सुझाव
मध्यप्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी कामयाबियों और आगामी योजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की बैठक से पहले मंत्रियों से विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को जानकारी दी कि देश के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में 14 जून को एक सिंगल क्लिक के जरिए प्रदेश की 900 एमएसएमई (MSME) इकाइयों के खाते में 360 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि भेजी गई है। इसके साथ ही, तकनीकी युग के अदृश्य खतरों और साइबर अपराधों से निपटने के लिए राज्य में जल्द ही एक ‘सायबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर’ की स्थापना की जाएगी, जिसके संबंध में 15 जून को भोपाल में विशेषज्ञों की एक विशेष कार्यशाला भी आयोजित की गई थी।
मंत्रियों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में 11 जून को आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद् (गवर्निंग काउंसिल) की 11वीं बैठक के विवरण साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मुख्य विषय “विकसित भारत @2047 के लिये समावेशी मानव विकास” था, जिसमें देश के सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया। इस बैठक में प्रधानमंत्री ने हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश की क्रियाशीलता और आगे रहने की नीति की सराहना की। डॉ. यादव ने बैठक में देश को अवगत कराया कि मध्यप्रदेश पूरे देश में सबसे पहले नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने वाला राज्य बना है और राज्य ने लाल सलाम को विदा करने में बाजी मारी है। बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास और युवाओं के रोजगार व प्रगति पर विशेष चर्चा की गई।
समान नागरिक संहिता (UCC) के विषय पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक मजबूत और व्यावहारिक नीति तैयार करने के लिए आम नागरिकों के सुझाव बेहद जरूरी हैं। इसके लिए सरकार की आधिकारिक वेबसाइट (ucc.mp.gov.in) के माध्यम से 22 जून तक जनता से विचार मांगे गए हैं। उन्होंने सभी मंत्रियों को अपने प्रभार के जिलों में इस संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को रेखांकित करते हुए कहा कि 21 जून को राज्य भर में सामूहिक योग कार्यक्रम होंगे। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र से मान्यता प्राप्त करने वाले इस दिवस की इस वर्ष की थीम ‘स्वस्थ आयु के लिये योग’ रखी गई है। राज्य सरकार केंद्रीय आयुष मंत्रालय द्वारा वर्ष 2026 के लिए जारी किए गए सभी दिशा-निर्देशों और गतिविधियों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कर रही है।
चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने हाल ही में राज्य को मिले दो राष्ट्रीय पुरस्कारों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग को मुंबई के ’10वें डेसेनियल एक्जीबिशन एक्सीलेंस अवार्ड्स 2026′ में 20 से अधिक बड़े सम्मेलनों के शानदार आयोजन के लिए “कॉन्फ्रेंस मैनेजमेंट में उत्कृष्टता पुरस्कार” मिला है। इसके साथ ही, 15 जून को गोवा में ‘ग्लोबल विंड डे – 2026’ के मौके पर केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मध्यप्रदेश को “उभर्ती नवकरणीय ऊर्जा अवसंरचना उत्कृष्टता सम्मान” से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इन गौरवपूर्ण उपलब्धियों के लिए संबंधित मंत्रियों और विभागीय अधिकारियों की पीठ थपथपाई और कहा कि राज्य नवकरणीय ऊर्जा में देश का नेतृत्व करने की ओर अग्रसर है।



