मध्य प्रदेश के 30 जिलों में 21 जून को होगी नीट यूजी परीक्षा, मुख्यमंत्री ने दिए त्रुटिहीन प्रबंधन और अभ्यर्थियों की सहायता के आदेश

आगामी रविवार, 21 जून 2026 को मध्य प्रदेश के 30 प्रमुख जिलों में आयोजित होने वाली नीट (अंडर ग्रेजुएट) परीक्षा की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला कलेक्टर्स, पुलिस अधीक्षकों और संबंधित विभागों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की सघन समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने परीक्षा प्रबंधन से जुड़े समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की हिदायत दी है, ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी स्तर पर कोई तकनीकी या प्रशासनिक चूक न होने पाए।

यह परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन और पेपर मोड में आयोजित की जाएगी। राज्य के जिन 30 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, उनमें इंदौर (57 केंद्र), भोपाल (32 केंद्र), ग्वालियर (24 केंद्र), जबलपुर (24 केंद्र) और रीवा (12 केंद्र) सर्वाधिक परीक्षा केंद्रों वाले जिले हैं। इसके अलावा उज्जैन, सागर, छिंदवाड़ा, बैतूल, भिंड, बालाघाट सहित अन्य जिलों में भी परीक्षा सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिला स्तरीय समन्वय समितियां और नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिए गए हैं। प्रत्येक तीन से चार केंद्रों पर एक नोडल अधिकारी और सेक्टर/ड्यूटी मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजनों और जबलपुर में राष्ट्रपति के प्रस्तावित प्रवास के कारण सड़कों पर भीड़भाड़ हो सकती है। अतः स्थानीय प्रशासन यातायात का बेहतर नियोजन करे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि यदि किसी भी परीक्षार्थी को आवागमन का साधन मिलने में कठिनाई हो, तो पुलिस या प्रशासन के अधिकारी अपने निजी या शासकीय वाहनों से उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में पूरा सहयोग करें।

अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन ने अवगत कराया कि सुरक्षा और पारदर्शिता के लिहाज से 19 जून को ही सभी केंद्रों पर सीसीटीवी, जैमर और बायोमैट्रिक प्रणालियां सक्रिय कर दी जाएंगी। परीक्षा के गोपनीय प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रूप से तय बैंकों में रखवा दिया गया है। केंद्रों पर परीक्षार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों की सुविधा के लिए भी विशेष टेंट, छांव और मोबाइल शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कड़े भीड़ प्रबंधन नियम लागू रहेंगे और छात्रों के कीमती सामान के लिए हर केंद्र पर क्लॉक रूम की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

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