इंदौर-उज्जैन के बीच बनेगा ₹2,935 करोड़ का फोरलेन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर, सांवेर में मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने किया शिलान्यास

मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन और औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए शनिवार को उज्जैन-इंदौर क्षेत्र को ₹5,657 करोड़ की विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सांवेर के चंद्रावतीगंज में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में ₹2,935 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाले 48 किलोमीटर लंबे इंदौर-उज्जैन फोरलेन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमि-पूजन किया। यह कॉरिडोर उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन का मुख्य आधार बनेगा और इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर के समीप सिंहस्थ बायपास तक सीधा संपर्क स्थापित करेगा।

परियोजना के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह ग्रीन फील्ड कॉरिडोर पीथमपुर को दिल्ली-मुंबई इकोनॉमिक कॉरिडोर से जोड़ने का काम करेगा, जिससे पूरे निमाड़ क्षेत्र में व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। किसानों की सहूलियत का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि स्थानीय मांग के आधार पर इस मार्ग की ऊंचाई कम रखी गई है, जिससे कृषकों को परिवहन में सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन काल में साधु-संत इस मार्ग से पैदल यात्रा करते थे, और अब यह फोरलेन सड़क उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी के विकास का एक नया अध्याय लिखेगी। 16 हजार वर्ग किलोमीटर में फैले इस प्रस्तावित मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में 6 रेलवे जंक्शन, 2 हवाई अड्डे, 4 हवाई पट्टियां और 2 राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल होंगे। इसके साथ ही फतेहाबाद में रेलवे के डबल ट्रैक का काम भी शुरू होने जा रहा है।

समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत राज्य में ₹2,548 करोड़ से अधिक की लागत वाले 42 हजार से ज्यादा घरों की आधारशिला रखी। इसके अतिरिक्त, ₹992 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हो चुके 38 हजार नए आवासों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपकर उनका गृह-प्रवेश कराया गया। इस कार्यक्रम में शहरी अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए ₹446 करोड़ की 116 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और ₹310.82 करोड़ की 37 नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी संपन्न हुआ। रेहड़ी-पटरी के व्यवसायियों को संबल देने के उद्देश्य से स्वनिधि योजना के तहत क्षेत्र के 20 हजार छोटे दुकानदारों को ₹51 करोड़ की लोन राशि हस्तांतरित की गई। साथ ही, अमृत 2.0 योजना के तहत सीवर व जल निकासी परियोजनाओं की शुरुआत की गई और 36 फायर स्टेशनों के लिए आधुनिक उपकरण व वाहन सौंपे गए। आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे हेलमेट सुरक्षा अभियान के तहत दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट भी बांटे गए।

कृषक कल्याण वर्ष 2026 की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि मध्य प्रदेश ने इस साल देश में सबसे अधिक गेहूं की सरकारी खरीद करने का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। प्रदेश के पौने 14 लाख किसानों से ₹2625 प्रति क्विंटल के भाव पर गेहूं का उपार्जन किया गया है। सामाजिक कल्याण योजनाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की लाड़ली बहनों को प्रत्येक माह की 15 तारीख से पहले ₹1500 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा वृंदावन गांव और गीता भवन के निर्माण के संकल्प को भी दोहराया। सुरक्षा व्यवस्था पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से मध्य प्रदेश नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने वाला पहला राज्य बन चुका है, जहां समर्पण करने वाले तत्वों को मुख्यधारा में वापस लाया गया है।

केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए विकास को गति दी जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उज्जैन में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत उत्कृष्ट कार्य किए गए हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने केदारनाथ, काशी विश्वनाथ और अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के जरिए देश की सांस्कृतिक पहचान को नया गौरव दिया है। केंद्रीय मंत्री ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में चलाई गई कल्याणकारी योजनाओं जैसे मुफ्त राशन, आवास और गैस कनेक्शन के कारण देश के 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आने में सफल रहे हैं।

राज्य के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने इस मौके पर कहा कि सरकार सिंहस्थ-2028 को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से जुटी है। क्षिप्रा नदी के तटों का जीर्णोद्धार तेजी से किया जा रहा है ताकि सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालु मां क्षिप्रा के स्वच्छ जल से आचमन और स्नान कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि सांवेर के 54 गांवों में नर्मदा का पानी सिंचाई के लिए पहुंच चुका है और बाकी क्षेत्रों में भी पाइपलाइन का काम जारी है। इस गरिमामयी कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, क्षेत्रीय सांसद शंकर लालवानी व अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सदस्य बालयोगी उमेश नाथ व कविता पाटीदार, विधायक मधु वर्मा व मनोज पटेल सहित उज्जैन के महापौर मुकेश टटवाल और भारी संख्या में जनसमुदाय उपस्थित था।

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