कर प्रणाली में पारदर्शिता से उद्योगों को मिले आगे बढ़ने के समान अवसर: राज्यपाल

मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने बुधवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित सीजीएसटी और सेंट्रल एक्साईज भोपाल के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शिरकत की। जीएसटी के नौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में “सुगम कर–सशक्त भारत” विषय पर केंद्रित इस समारोह में राज्यपाल ने शिरकत करते हुए उत्कृष्ट करदाताओं, अग्रणी संस्थाओं और बेहतर सेवाएं देने वाले विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश की कर व्यवस्था को सरल और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाकर छोटे, मझोले और बड़े सभी श्रेणियों के उद्यमियों को व्यापार करने के सुरक्षित और समान अवसर उपलब्ध कराए हैं।

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने विचार व्यक्त किए कि जीएसटी का लागू होना महज टैक्स सुधार या ‘एक-राष्ट्र, एक-कर, एक-बाजार’ तक सीमित अवधारणा नहीं है, बल्कि यह देश की सामूहिक शक्ति और ‘एक-राष्ट्र, एक-संकल्प और एक-साझा उत्तरदायित्व’ का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों की इस यात्रा ने देश को दशकों पुरानी जटिल कर प्रक्रियाओं के जाल और इंस्पेक्टर राज के दौर से आजादी दिलाई है। केंद्र और राज्यों के इस साझा प्रयास ने यह साबित कर दिया है कि जब दोनों पक्ष मिलकर आगे बढ़ते हैं, तो बड़े आर्थिक बदलाव महज सरकारी एजेंडा न रहकर जन-आंदोलन का रूप ले लेते हैं।

राज्यपाल ने भोपाल सीजीएसटी जोन की पीठ थपथपाते हुए कहा कि विभाग ने टैक्स के दायरे को बढ़ाने, बेहतर राजस्व संग्रह करने और तकनीक के माध्यम से व्यवस्था को पारदर्शी बनाने में सराहनीय काम किया है। उन्होंने विभाग को आगे भी प्रधानमंत्री के “सबका साथ-सबका विकास” के सिद्धांत पर अडिग रहकर विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

अधिकारियों को संबोधित करते हुए श्री पटेल ने कहा कि “सुगम कर व्यवस्था-सशक्त भारत” का नारा केवल फाइलों तक सीमित न रहकर विभागीय नीतियों और दैनिक प्रशासनिक कार्यों में दिखाई देना चाहिए। एक ऐसा व्यावसायिक वातावरण तैयार करने की आवश्यकता है जहां टैक्स चोरी करने वालों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई हो, परंतु किसी भी परिस्थिति में देश के ईमानदार करदाता को किसी प्रकार का कष्ट या उत्पीड़न न झेलना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि आम जनता सीधे नीति-निर्माताओं से संवाद नहीं कर पाती, इसलिए फील्ड में तैनात अधिकारी ही उनके लिए शासन का वास्तविक चेहरा होते हैं।

आर्थिक मोर्चे पर देश को सुदृढ़ बनाने की बात करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस विशेष अवसर पर हमें कार्यकुशलता, पारदर्शिता और सहकारी संघवाद की भावना को और अधिक मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कर अधिकारियों से पूरी ईमानदारी और उच्च नैतिक आचरण के साथ जनता की सेवा करने की अपील की ताकि एक सशक्त और एकीकृत आत्मनिर्भर भारत का मार्ग प्रशस्त हो सके।

कार्यक्रम के आरंभ में भोपाल जोन के मुख्य आयुक्त श्री मानस रंजन मोहंती ने मुख्य अतिथि राज्यपाल महोदय का स्वागत शॉल और स्मृति चिन्ह देकर किया। श्री मोहंती ने अपने भाषण में केंद्र सरकार की ओर से कर व्यवस्था को सरल बनाने, आम आदमी को टैक्स में राहत देने और व्यापार सुगमता के लिए शुरू किए गए विभिन्न प्रयोगों की जानकारी दी। केंद्रीय जीएसटी की प्रधान आयुक्त श्रीमती एन. पद्मश्री ने पिछले 9 सालों के भीतर आए बदलावों और विभागीय सफलताओं का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। अंत में राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर और नार्कोटिक्स अकादमी के अतिरिक्त महानिदेशक श्री लोकेश लिल्‍हारे ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय जीएसटी आयुक्त श्री धीरेंद्र मणि त्रिपाठी, पूर्व चीफ कमिश्नर श्री नवनीत गोयल, अपीलेट अथॉरिटी के सदस्य, विभागीय कर्मचारी और करदाता सपरिवार उपस्थित रहे।

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