संसद के मानसून सत्र की हंगामेदार शुरुआत: विपक्ष के विरोध के कारण दोपहर तक स्थगित हुई लोकसभा कार्यवाही

सोमवार को संसद का मानसून सत्र शुरू होते ही विपक्षी दलों के जोरदार हंगामे और नारेबाजी के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई। सत्र के पहले ही दिन विपक्षी सांसद अपनी मांगों को लेकर वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे, जिससे सदन का संचालन बाधित हुआ।

कार्यवाही की शुरुआत में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हाल ही में दिवंगत हुए पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके तुरंत बाद ही विपक्षी बेंचों से नारेबाजी शुरू हो गई। अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से शांति बनाए रखने का अनुरोध करते हुए कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है और यहां सभी प्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाएगा। हालांकि, लगातार अपील के बावजूद जब हंगामा शांत नहीं हुआ, तो उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी।

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पूर्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया के माध्यम से सभी सांसदों से सत्र में सकारात्मक भूमिका निभाने और बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र ऐसे समय में आरंभ हो रहा है जब देश विकास की नई गति पकड़ चुका है। ऐसे में संसद की कार्यप्रणाली इस रफ्तार में नई ऊर्जा का संचार कर सकती है। राष्ट्र के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सदन में सकारात्मक वातावरण का होना अत्यंत आवश्यक है।

प्रधानमंत्री ने विभिन्न दलों के अनुभवी सांसदों के योगदान पर बल देते हुए कहा कि सदन में दीर्घकालिक अनुभव वाले कई सदस्य मौजूद हैं, जिनके ज्ञान की इस समय देश और संसद को बेहद जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज की स्थिति यह मांग करती है कि संसद सुचारू रूप से चले, सार्थक बहस हो और सभी दल मिलकर राष्ट्र को आगे ले जाने का संकल्प लें। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं की आकांक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि देश के युवा प्रगति चाहते हैं, इसलिए राष्ट्रहित में उठने वाली आवाजों को सदन में सही स्थान और दिशा मिलनी चाहिए।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने जोर दिया कि जिन चर्चाओं में तथ्य और ठोस तर्क होते हैं, वहां हंगामे की कोई गुंजाइश नहीं रहती। यदि तर्क मजबूत हों तो शांत रहकर भी अपनी बात असरदार तरीके से रखी जा सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सत्र में तर्क और तथ्यों के साथ उच्चस्तरीय चर्चा होगी, जिसमें प्रत्येक विचार को सम्मान और हर सदस्य को बोलने का अवसर प्राप्त होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button