संसद के मानसून सत्र की शुरुआत: ओम बिरला की सभी दलों से सार्थक चर्चा और संसदीय गरिमा बनाए रखने की मांग

18वीं लोकसभा के मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी राजनीतिक दलों के सांसदों से सर्वसम्मति, रचनात्मक दृष्टिकोण और संसदीय शिष्टाचार का पालन करने का आग्रह किया है। सोमवार को जारी अपने संदेश में उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के शीर्ष विधायी मंच की गरिमा बनाए रखना और जनहित के विषयों पर गंभीर चर्चा करना सभी सदस्यों का प्राथमिक कर्तव्य है।
‘एक्स’ पर एक पोस्ट के माध्यम से ओम बिरला ने नए सत्र का आगाज होने पर खुशी जताई। दिल्ली में प्रातःकाल हुई वर्षा को नव ऊर्जा और ताजगी का प्रतीक बताते हुए उन्होंने लिखा कि राष्ट्र की यह शीर्ष लोकतांत्रिक संस्था सभी सांसदों के स्वागत के लिए पूरी तरह तत्पर है।
संसदीय व्यवस्था को लोकतंत्र की धुरी बताते हुए बिरला ने कहा कि यह सत्र नागरिकों के विश्वास और उम्मीदों को साकार करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि सदस्य संविधान की मूल भावना के दायरे में रहकर और सुदीर्घ संसदीय परंपराओं का आदर करते हुए देशहित के मुद्दों पर रचनात्मक ढंग से अपनी बात रखेंगे।
विधायी एजेंडे का जिक्र करते हुए उन्होंने उल्लेख किया कि विधायी और अन्य संसदीय कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सामूहिक उत्तरदायित्व का विषय है। यदि सभी दल मिलकर सदन की कार्यवाही को सार्थक बनाएंगे, तो इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं का प्रभाव बढ़ेगा और आम जनता में संसद के प्रति भरोसा और अधिक सुदृढ़ होगा।
सत्र से ठीक पहले रविवार को आयोजित ‘बिजनेस एडवाइजरी कमेटी’ (बीएसी) की बैठक में ओम बिरला ने विभिन्न दलों के नेताओं के साथ चर्चा का खाका तैयार किया था। इस बैठक में सभी दलों के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय महत्व एवं जन सरोकार से जुड़े विषयों पर बहस कराने हेतु अपने-अपने विचार और प्रस्ताव रखे थे।
उल्लेखनीय है कि चालू मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार कई प्राथमिक विधेयकों को पटल पर रखने वाली है, जबकि विपक्ष भी अनेक विषयों को लेकर आक्रामक रुख अपनाने के संकेत दे चुका है। इसी पृष्ठभूमि में लोकसभा अध्यक्ष ने सदन के सुचारू संचालन के लिए सभी पक्षों से रचनात्मक भागीदारी की अपेक्षा जताई है।



