विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फिलीपींस यात्रा पर कनाडा, अमेरिका और रूस के समकक्षों से की उच्च स्तरीय बैठकें; वैश्विक सुरक्षा और व्यापार पर हुई चर्चा

आसियन ढांचागत बैठकों में भाग लेने के लिए दो दिवसीय दौरे पर मनीला पहुंचे भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ एक द्विपक्षीय बैठक में हिस्सा लिया। दोनों वैश्विक नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के दायरे को विस्तार देने तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी द्वारा निर्धारित रणनीतिक लक्ष्यों को गति प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की।
मुलाकात के बाद भारतीय विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर बताया कि कनाडाई समकक्ष के साथ संवाद बेहद फलदायी रहा। उन्होंने उल्लेख किया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूती की ओर अग्रसर हैं और वार्ता का मुख्य केंद्र दोनों प्रधानमंत्रियों द्वारा रेखांकित किए गए द्विपक्षीय रोडमैप को पूरा करना रहा।
अपने फिलीपींस प्रवास के दौरान डॉ. जयशंकर ने सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन से भी मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक मामलों पर विस्तृत बातचीत हुई। जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर सिंगापुर के विदेश मंत्री के रणनीतिक आकलन को अत्यंत मूल्यवान करार दिया।
कूटनीतिक वार्ताओं की इसी कड़ी में विदेश मंत्री ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ द्विपक्षीय संबंधों के समस्त आयामों की गहन समीक्षा की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा पूरी गंभीरता से उठाया। इसके साथ ही दोनों देशों ने ऊर्जा, व्यापार, विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा यूक्रेन और खाड़ी के वर्तमान हालात पर अपने दृष्टिकोण साझा किए।
दौरे के अंत में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ हुई बैठक में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों नेताओं के बीच व्यापारिक शुल्कों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, महत्वपूर्ण खनिजों, रक्षा और ऊर्जा सुरक्षा जैसे वैश्विक महत्व के ज्वलंत मुद्दों पर व्यापक सहमति और विचारों का आदान-प्रदान हुआ।



