संसद से एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक पारित, पीएम मोदी बोले- अब किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा पेपर माफिया

गुरुवार को संसद द्वारा ‘एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक 2026’ को मंजूरी दिए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे देश की परीक्षा प्रणाली को सशक्त और पारदर्शी बनाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी एक वीडियो संदेश के माध्यम से देश के युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने साफ किया कि पेपर लीक करने वाले गिरोहों और माफिया के खिलाफ सरकार का रुख बेहद सख्त है और उन्हें किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
पारदर्शी और विश्वस्तरीय परीक्षा व्यवस्था तैयार करने के प्रयासों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें इस दिशा में मिलकर ठोस कदम उठा रही हैं। इसके लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक व्यवस्था लागू की जा रही है। इसमें राज्यों से प्राप्त सुझावों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कई दशकों से देश का हर राज्य और केंद्र सरकार पेपर लीक की गंभीर समस्या का सामना करती रही है, जिससे युवाओं के भविष्य पर संकट मंडराता रहा है।
शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब पूरे देश में परीक्षा और शैक्षणिक ढांचे में बदलाव करना अनिवार्य हो गया है। इस जिम्मेदारी को निभाने में केंद्र और सभी राज्य सरकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक के व्यापक उपयोग का आह्वान किया।
विधायी प्रक्रिया की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा संसद में एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक 2026 प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने कहा कि जैसा युवाओं से वादा किया गया था, संसद के दोनों सदनों में सांसदों ने दो दिनों तक इस पर विस्तार से चर्चा की और इसके बाद इस कठोर प्रावधानों वाले कानून को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि इस विधेयक के पास होने से विश्वस्तरीय परीक्षा ढांचा विकसित करने की दिशा में एक अहम पड़ाव पार कर लिया गया है, लेकिन यह सुधार प्रक्रिया यहीं नहीं रुकेगी। परीक्षा प्रणाली को निरंतर मजबूत करने के प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने के लिए सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ें।



