मध्यप्रदेश में मूंग-उड़द खरीदी और सहकारिता योजनाओं की समीक्षा: मंत्री सारंग ने दिए मिशन मोड में काम करने के निर्देश

भोपाल स्थित मंत्रालय में शुक्रवार को सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग की अध्यक्षता में सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश में जारी मूंग और उड़द की सरकारी खरीदी, सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने, ‘सहकारिता में सहकार’ अभियान तथा ‘मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना’ की प्रगति की व्यापक पड़ताल की गई। मंत्री सारंग ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए कि सभी विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन मिशन मोड पर किया जाए, ताकि किसानों एवं सहकारी संस्थाओं को अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।

उपज खरीदी व्यवस्था पर विशेष बल देते हुए सहकारिता मंत्री ने निर्देश दिए कि मूंग और उड़द बेचने आने वाले किसानों को खरीदी केंद्रों पर किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने उड़द खरीदी के लिए बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता समय पर सुनिश्चित करने के आदेश दिए ताकि पूरी प्रक्रिया बिना रुकावट चलती रहे। इसके साथ ही, भंडारण की समस्या से निपटने के लिए मंत्री ने कहा कि जिन स्थानों पर गोदाम भर चुके हैं या क्षमता कम है, वहां तुरंत वैकल्पिक इंतजाम किए जाएं। जरूरत पड़ने पर उपज के त्वरित उठान के लिए अंतर-जिला गोदामों का उपयोग किया जाना चाहिए।

ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में कदम उठाते हुए दुग्ध सहकारी समितियों के लिए लक्ष्य तय कर चरणबद्ध तरीके से माइक्रो एटीएम तैनात करने के निर्देश दिए गए। मंत्री सारंग ने सभी सहकारी बैंकों में नोडल अधिकारियों की तैनाती करने, जमा राशियों पर आकर्षक ब्याज दर योजनाएं तैयार करने और सभी सहकारी समितियों के बैंक खाते अनिवार्य रूप से सहकारी बैंकों में संचालित कराने की ताकीद की। उन्होंने समिति के सदस्यों को अपनी वित्तीय गतिविधियों के लिए सहकारी बैंकिंग प्रणाली का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया।

राज्य में सहकारिता आंदोलन को वित्तीय मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की विभिन्न योजनाओं में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक की सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए, जिससे संस्थाओं के लिए नए वित्तीय अवसर सृजित हो सकें। इसके अलावा, ‘सहकारिता में सहकार’ अभियान और ‘मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना’ को गति देने के लिए मंत्री ने हर सप्ताह नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने के आदेश दिए, जिससे निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति का लगातार मूल्यांकन किया जा सके।

बैठक के दौरान दुग्ध उत्पादन, हस्तशिल्प और अन्य क्लस्टर आधारित विकास योजनाओं को रफ्तार देने के निर्देश दिए गए। साथ ही कृषि एवं वृक्षारोपण वर्ष के अंतर्गत लंबित पड़ी सभी अनुमतियों का शीघ्र निपटारा करने को कहा गया। सहकारिता को ग्रामीण समृद्धि का मुख्य आधार बताते हुए मंत्री सारंग ने कहा कि यह केवल एक व्यवस्था नहीं बल्कि प्रदेश के समग्र विकास का माध्यम है, इसलिए इसका क्रियान्वयन पारदर्शी और समयबद्ध होना चाहिए। इस समीक्षा बैठक में सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा और मार्कफेड के प्रबंध संचालक अभिजीत अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button