मध्यप्रदेश में विमानन सेवा का बड़ा विस्तार: 4 नए रूट्स पर सीधी उड़ानें शुरू, भोपाल से शारजाह सेवा भी जल्द

मध्यप्रदेश के विंध्य और महाकौशल अंचल को देश के प्रमुख महानगरों से सीधे जोड़ने की दिशा में रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू ने चार नई सीधी हवाई उड़ानों का हरी झंडी दिखाकर उद्घाटन किया। अलायंस एयर द्वारा संचालित इन उड़ानों के जरिए भोपाल-रीवा, भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता के बीच सीधी विमान सेवा शुरू हो गई है।
भोपाल के राजा भोज विमानतल पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए घोषणा की कि अगले दो माह के भीतर भोपाल से शारजाह के लिए सीधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवा प्रारंभ कर दी जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने राज्य में पांच नए हवाई अड्डों की स्थापना को स्वीकृति दी है, जिसमें प्राथमिकता के आधार पर सिंगरौली में एयरपोर्ट बनाया जाएगा। वर्तमान में मध्यप्रदेश के पास 8 एयरपोर्ट, 20 से अधिक हवाई पट्टियां और 220 हेलिपैड का बुनियादी ढांचा मौजूद है।
नई विमान सेवाओं से यात्रा के समय और खर्च दोनों में भारी कमी आएगी। कनेक्टिंग उड़ानों के 8 से 10 हजार रुपये के किराए और लंबे इंतजार की तुलना में अब सीधी सेवा का किराया 3,200 रुपये से 4,500 रुपये तय किया गया है। ट्रेन द्वारा 22 घंटे में पूरी होने वाली भोपाल-पटना, रीवा-कोलकाता और जबलपुर-कोलकाता की यात्रा अब 2 से 2.5 घंटे में पूरी होगी, जबकि भोपाल-रीवा का सफर महज डेढ़ घंटे का रह जाएगा। राज्य सरकार अपनी विमानन नीति के तहत इन मार्गों पर प्रति राउंड ट्रिप 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता (वीजीएफ) दे रही है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश का नागरिक उड्डयन क्षेत्र तेजी से बदला है। ‘उड़ान’ योजना को अगले दस वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है, जिसके लिए केंद्र सरकार ने 29,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की नागरिक उड्डयन नीति देश में सर्वश्रेष्ठ है और केंद्र सरकार राज्य की करीब दस एयरस्ट्रिप्स को पूर्ण एयरपोर्ट में बदलने तथा ग्रीनफील्ड परियोजनाओं को विकसित करने में पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करेगी।
समारोह में उपस्थित उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और विभागीय अधिकारियों ने रेखांकित किया कि इन हवाई उड़ानों से सिंगरौली के पावर हब, चित्रकूट के धार्मिक पर्यटन और क्षेत्र के राष्ट्रीय उद्यानों को सीधा लाभ मिलेगा। एटीआर-72 विमानों के सुचारू संचालन के लिए राज्य की नीति अत्यंत कारगर साबित हुई है। इस पहल से न केवल आम यात्रियों को सुलभ परिवहन मिलेगा, बल्कि व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी।



