देश में 96.9% फल-सब्जियां कीटनाशक अवशेष मानकों के अनुरूप: कृषि मंत्री

संसद में मंगलवार को प्रस्तुत सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में बेचे जाने वाले 96.9 प्रतिशत फल और सब्जियां कीटनाशक अवशेषों के मामले में निर्धारित मानकों के भीतर हैं। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सदन को सूचित किया कि बीते तीन सालों में 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 70,652 नमूने जांचे गए, जिनमें से सिर्फ 3.1 फीसदी नमूनों में ही FSSAI की अधिकतम अवशेष सीमा (MRL) से अधिक रासायनिक तत्व पाए गए।
सदन में दी गई जानकारी के अनुसार, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग 2005-06 से ही ‘राष्ट्रीय स्तर पर कीटनाशक अवशेषों की निगरानी’ (MPRNL) कार्यक्रम चला रहा है। 40 सहभागी प्रयोगशालाएं देशभर से नमूने जुटाती हैं और उनकी रिपोर्ट राज्य स्तरीय कृषि विभागों को सौंपी जाती है, ताकि धरातल पर किसानों को रसायनों के संतुलित इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया जा सके।
कीट नियंत्रण को त्वरित और प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल तकनीक पर आधारित ‘राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली’ (NPSS) लागू की गई है। मोबाइल ऐप और पोर्टल के माध्यम से किसानों को कीटों की सटीक जानकारी और विशेषज्ञों का परामर्श तुरंत मिल जाता है। इस व्यवस्था के तहत केवल पंजीकरण समिति से स्वीकृत कीटनाशकों और उनकी नियत मात्रा के छिड़काव की ही सलाह दी जाती है।
किसानों के कौशल विकास के लिए मंत्रालय के अधीन संचालित 48 एकीकृत कीट प्रबंधन केंद्र (CIPMCs व LCIPMCs) निरंतर कार्यरत हैं। वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच इन केंद्रों द्वारा आयोजित 1,353 किसान फील्ड स्कूलों से 46,969 किसान जुड़े, जबकि 680 दो-दिवसीय प्रशिक्षण सत्रों के जरिए 37,664 किसानों को व्यावहारिक ज्ञान दिया गया।
जागरूकता प्रसार के तहत इसी अवधि में 2,384 विशेष अभियानों के जरिए 76,702 किसानों को सुरक्षित कीटनाशक उपयोग की जानकारी दी गई और 2,548 बीज उपचार अभियानों से 81,048 किसानों को सीधा लाभ पहुंचाया गया। इसके साथ ही, बागवानी क्षेत्र के विस्तार और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए ‘मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर’ (MIDH) का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
फसलों में रासायनिक तत्वों को कम करने के लिए 21 राज्यों ने उच्च स्तरीय समितियों का गठन किया है। ये समितियां ‘गुड एग्रीकल्चरल प्रैक्टिस’ (GAP) और ‘इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट’ (IPM) को लागू करने तथा कीटनाशक अवशेषों की सख्त निगरानी के लिए जिम्मेदार हैं।



