भारत मंडपम में ब्रिक्स पर्यावरण एवं जलवायु संपर्क समूह का मंथन, भारत की अध्यक्षता में चार प्राथमिकताओं पर जोर

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता-2026 के तत्वावधान में सोमवार को भारत मंडपम में पर्यावरण कार्य समूह तथा जलवायु परिवर्तन एवं सतत विकास संपर्क समूह के वरिष्ठ अधिकारियों का उच्चस्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया।
इस बैठक का संचालन पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार ने किया। इसमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लेकर साझा रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया।
पर्यावरण सचिव तन्मय कुमार ने समूह की प्रगति को रेखांकित करते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों में ब्रिक्स केवल आर्थिक मंच न रहकर प्रदूषण नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण और तापमान वृद्धि से निपटने का एक प्रमुख वैश्विक माध्यम बन गया है। समूह का कार्यक्षेत्र अब जलवायु सुदृढ़ता, संसाधन प्रबंधन, सर्कुलर इकोनॉमी और पर्यावरण प्रशासन तक विस्तृत हो चुका है।
भारत की अध्यक्षता के तहत चार मुख्य क्षेत्रों को कार्ययोजना का आधार बनाया गया है। इसमें पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देना, वनों के विस्तार व दावानल प्रबंधन द्वारा आपदा प्रतिरोधक क्षमता का निर्माण, चक्रीय अर्थव्यवस्था को गति देना तथा जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलन क्षमता बढ़ाना शामिल है।
बैठक में बताया गया कि भारत की अध्यक्षता शुरू होने के बाद से सदस्य देशों के बीच निरंतर संवाद बना हुआ है, जिसके तहत 21 वर्चुअल वार्ताएं, 10 द्विपक्षीय बैठकें, दो विषयगत परिचर्चाएं और दो तकनीकी वेबिनार संपन्न कराए जा चुके हैं।
अधिकारियों ने माना कि जलवायु लचीलापन और पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण परस्पर संबद्ध विषय हैं, जिन्हें एकीकृत नीति के तहत हल किया जाना चाहिए। सदस्य देशों ने आम सहमति और परस्पर सम्मान के साथ बैठक संचालित करने के लिए भारत की सराहना की। इसी क्रम में ब्रिक्स पर्यावरण मंत्रियों की 12वीं औपचारिक बैठक मंगलवार, 18 अगस्त को नई दिल्ली में संपन्न होगी।



