पहाड़ी क्षेत्र की मांगों पर सिलिगुड़ी में केंद्र-राज्य और हितधारकों का बड़ा मंथन; पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में बनेगी ड्राफ्ट समिति

पश्चिम बंगाल के पर्वतीय क्षेत्र के स्थायी राजनीतिक समाधान को लेकर शनिवार को सिलिगुड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की उपस्थिति में एक व्यापक बैठक आयोजित की गई। इस सत्र में केंद्र और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ पहाड़ के प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
सम्मेलन में सांसद राजू बिस्ता, सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला, पहाड़ मंत्री बिशाल लामा, जीजेएम प्रमुख बिमल गुरुंग और जीएनएलएफ प्रमुख मान घीसिंग विशेष रूप से मौजूद रहे। इनके अलावा विधायक भरत छेत्री, सोनम लामा, नोमन राई, सीपीआरएम के जेबी राई, गोरानिमो के दावा पाखरीन तथा सुमेती नेता बिकाश राई सहित कई नेताओं ने प्रतिनिधित्व किया।
चर्चा के केंद्र में पहाड़ी आबादी की संवैधानिक मान्यता, उनकी अलग पहचान और लंबे समय से प्रतीक्षित स्थायी राजनीतिक समाधान की मांगें रहीं। गृह मंत्री अमित शाह ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार संविधान के दायरे में रहते हुए इन सभी विषयों का समयबद्ध समाधान निकालेगी और आवश्यक विकास कार्यों के लिए पर्याप्त केंद्रीय वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक का मुख्य परिणाम एक विशेष समिति का गठन रहा, जिसका प्रभार पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार व वर्तमान वार्ताकार पंकज कुमार सिंह को सौंपा गया है। यह समिति अंतिम समझौते की विस्तृत शर्तों और प्रक्रिया को अंतिम रूप देगी, ताकि पर्वतीय क्षेत्र के लोगों के लिए स्थायी संवैधानिक व्यवस्था तैयार हो सके।
बैठक के समापन पर गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता दोहराई। सभी संगठनों के प्रतिनिधियों ने केंद्र और राज्य नेतृत्व के उदार व सहयोगात्मक दृष्टिकोण का स्वागत करते हुए बैठक के सौहार्दपूर्ण नतीजों पर संतोष व्यक्त किया।



