भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की 27वीं बैठक में शामिल होने रूस पहुंचे विदेश मंत्री जयशंकर, लावरोव से भी करेंगे मुलाकात

विदेश मंत्री एस. जयशंकर 23 से 24 अगस्त तक रूस के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक वक्तव्य जारी कर बताया कि रूसी संघ के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के निमंत्रण पर जयशंकर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-टीईसी) के 27वें सत्र का साझा नेतृत्व करने रूस जा रहे हैं। यह आयोग व्यापार, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, तकनीक और सांस्कृतिक साझेदारी से जुड़े मामलों का शीर्ष मंच है।
यात्रा के दौरान विदेश मंत्री अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात करेंगे, जहां प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मसलों पर विस्तृत चर्चा होगी।
इससे पहले दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच जुलाई 2026 में फिलीपींस के मनीला में आसियान मंच के इतर औपचारिक वार्ता हुई थी। उस समय जयशंकर ने ‘एक्स’ पर उल्लेख किया था कि बातचीत में द्विपक्षीय रिश्तों की गहन समीक्षा के साथ-साथ क्षेत्र में मौजूद भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था।
मनीला बैठक के दौरान व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, संपर्क मार्ग, तकनीकी आदान-प्रदान और मोबिलिटी के साथ-साथ यूक्रेन संकट और खाड़ी क्षेत्र के हालात पर भी दोनों देशों के बीच अहम संवाद हुआ था।
भारत और रूस के मध्य व्यापारिक व आर्थिक सहयोग की नियमित निगरानी के लिए इस आयोग की नींव मई 1992 में एक समझौते के तहत रखी गई थी। 13-14 सितंबर 1994 को इसके पहले औपचारिक सत्र के बाद से अब तक दोनों देश 26 बार इस मंच पर बैठकें कर चुके हैं।
आयोग का 25वां सम्मेलन नई दिल्ली में और 26वां सत्र 20 अगस्त 2025 को मॉस्को में आयोजित किया गया था। इस व्यवस्था के अंतर्गत बैठकों का संचालन भारत के विदेश मंत्री और रूसी संघ के उप-प्रधानमंत्री द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है।



