‘खेलो इंडिया संवाद’ में बोले पीएम मोदी: 2036 ओलंपिक के लिए 5 से 15 साल के बच्चों का होगा टैलेंट हंट, सीएम डॉ. यादव रहे मौजूद

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर गुरुवार को ‘खेलो इण्डिया संवाद- खेल की बात पीएम मोदी के साथ’ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की 1600 संस्थाओं से जुड़े 8 लाख से अधिक युवाओं से सीधा संवाद किया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर के डुमना विमानतल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

संवाद का मुख्य स्थानीय आयोजन जबलपुर के सिविल लाइंस स्थित शासकीय महाकौशल कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में रखा गया था, जहां भारी संख्या में उपस्थित युवाओं ने प्रधानमंत्री का लाइव संबोधन सुना।

संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को याद करते हुए खेल जगत को बधाई दी। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का साधन नहीं है, बल्कि यह विकसित भारत के विजन को गति देने के लिए खेल शक्ति और युवा शक्ति के समन्वय का जरिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी की कामयाबी उसके परिवार और शिक्षण संस्थान से लेकर पूरे प्रदेश को एक नई पहचान दिलाती है।

ओलंपिक 2036 की तैयारियों का खाका खींचते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 5 से 15 वर्ष की उम्र के प्रतिभावान बच्चों की पहचान के लिए व्यापक स्तर पर चयन अभियान चलाया जाएगा। बच्चे की रुचि के साथ उसकी क्षमता का आकलन कर सही खेल में प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार इसके लिए आधुनिक खेल विश्वविद्यालय और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण केंद्रों के बुनियादी ढांचे को तेजी से विकसित कर रही है।

प्रधानमंत्री ने उन खेलों में भारत की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष बल दिया जिनमें अब तक उपस्थिति कम रही है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर उपयुक्त खेलों का अनुकूल माहौल तैयार किया जाएगा। पैरा-एथलीटों के प्रदर्शन को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उन्होंने कहा कि खेल जीवन में मुश्किलों से लड़ना सिखाते हैं और युवाओं को व्यसनों से दूर रखने में प्रभावी भूमिका निभाते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज खेल सिर्फ मैदान तक सीमित न रहकर एक बड़े व्यावसायिक करियर का रूप ले चुका है। स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी, एनालिटिक्स, स्पोर्ट्स मेडिसिन, पोषण, मनोविज्ञान और खेल सामग्री निर्माण के क्षेत्र में रोजगार के कई नए रास्ते खुले हैं। उन्होंने युवाओं को खेलों को जीवनशैली में शामिल करने और नए विचारों के साथ आगे आने के लिए प्रेरित किया।

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