सेंट लुइस में आर. प्रज्ञानानंद की ऐतिहासिक जीत, फैबियानो कारुआना को हराकर बने GCT चैंपियन

भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद ने गुरुवार को अमेरिका के फैबियानो कारुआना को एक कड़े मुकाबले में 15-13 से शिकस्त देकर ग्रैंड चेस टूर का खिताब अपने नाम कर लिया। सेंट लुइस में मिली इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही प्रज्ञानानंद यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय ट्रॉफी हासिल करने वाले देश के पहले खिलाड़ी बन गए हैं।
सेंट लुइस चेस क्लब में आयोजित फाइनल के दौरान 21 वर्षीय प्रज्ञानानंद एक समय छह अंकों के बड़े अंतर से पीछे चल रहे थे। इसके बाद विश्वनाथन आनंद के इस शिष्य ने दोनों रैपिड मुकाबलों में लगातार जीत दर्ज कर दो अंकों की अहम बढ़त हासिल कर ली, क्योंकि रैपिड राउंड में प्रत्येक जीत के लिए चार अंक निर्धारित थे।
ब्लिट्ज वर्ग के मुकाबलों में दोनों दिग्गजों के बीच कड़ा संघर्ष हुआ। पहला मुकाबला अनिर्णित रहने के बाद कारुआना ने दूसरे गेम में जीत के साथ स्कोर 12-12 की बराबरी पर ला खड़ा किया। प्रज्ञानानंद ने तुरंत पलटवार करते हुए तीसरा गेम जीता और स्कोर 14-12 कर दिया। अंतिम गेम में उन्हें सिर्फ ड्रॉ की दरकार थी, जिसे हासिल कर उन्होंने आर्मागेडन की नौबत आए बिना 2 लाख डॉलर की इनामी राशि वाला यह खिताब जीत लिया।
अपनी इस उपलब्धि पर प्रज्ञानानंद ने चेस.कॉम को बताया कि दिन की शुरुआत में उन्हें उम्मीदें कम लग रही थीं, क्योंकि कारुआना के विरुद्ध जीत दर्ज करना कभी आसान नहीं होता, ऐसे में रैपिड राउंड में मिली दोहरी सफलता निर्णायक रही। टूर्नामेंट में जर्मनी के विंसेंट कीमर को 18-12 से हराकर तीसरा स्थान पाने वाले वेस्ली सो, प्रज्ञानानंद और कारुआना के साथ अगले सत्र के ग्रैंड चेस टूर के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं।
टूर्नामेंट के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ ने भारतीय खिलाड़ी के जुझारूपन और खिताबी सफर की विशेष रूप से सराहना की। प्रज्ञानानंद के लिए यह सत्र बेहद सफल रहा है; इससे पहले उन्होंने इसी वर्ष विश्व के शीर्ष खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को दो बार मात देकर नॉर्वे चेस जीतने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव भी प्राप्त किया था।



