बिहार में नदियों के जलस्तर में तीव्र उछाल: पुनपुन और गंगा लाल निशान से ऊपर, 438 पंचायतों में राहत कार्य तेज

राज्य के जल संसाधन विभाग द्वारा मंगलवार प्रातः जारी अद्यतन समीक्षा के मुताबिक, बिहार की तमाम प्रमुख नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से एक से तीन मीटर ऊपर बह रही हैं। जलस्तर के उतार-चढ़ाव के बीच निचले रिहायशी और मैदानी इलाकों में जलभराव की स्थिति विकराल हो गई है, जिससे सामान्य जनजीवन व्यापक रूप से अस्त-व्यस्त हो गया है।
नदियों के प्रवाह में पुनपुन नदी की स्थिति सबसे अधिक विकट दर्ज की गई है। श्रीपालपुर में इसका जलस्तर 53.55 मीटर पर पहुंच चुका है, जो खतरे के 50.60 मीटर के बिंदु से 2.95 मीटर ऊपर है और इसमें लगातार बढ़ोतरी जारी है। खगड़िया में बूढ़ी गंडक नदी 38.56 मीटर पर बह रही है, जो अपने 36.58 मीटर के खतरे के निशान से 1.98 मीटर अधिक है तथा यहां भी जलस्तर का रुख ऊपर की ओर है।
गंगा नदी पटना और हाथीदह में खतरे के स्तर से ऊपर बनी हुई है, यद्यपि यहां पानी में धीमी गिरावट देखी जा रही है। दीघा घाट पर यह 51.54 मीटर (1.09 मीटर ऊपर), गांधी घाट पर 50.31 मीटर (1.71 मीटर ऊपर) तथा हाथीदह में 43.41 मीटर (1.65 मीटर ऊपर) पर प्रवाहित है। इसके विपरीत, डाउनस्ट्रीम के क्षेत्रों में नदी का फैलाव तेज है; मुंगेर में यह 40.08 मीटर (0.75 मीटर ऊपर), भागलपुर में 34.60 मीटर (0.92 मीटर ऊपर) और कहलगांव में 32.77 मीटर (1.68 मीटर ऊपर) के स्तर पर बढ़ते क्रम में दर्ज की गई।
अन्य नदी प्रणालियों में कोसी नदी बलतारा में 35.15 मीटर और कुरसेला में 31.40 मीटर पर सक्रिय है, जहां यह खतरे के स्तर से क्रमशः 1.30 मीटर और 1.40 मीटर ऊपर बढ़ते क्रम में है। गंडक नदी डुमरिया घाट (62.75 मीटर, 0.53 मीटर ऊपर) और हाजीपुर में खतरे के पार है, हालांकि डुमरिया घाट पर मामूली गिरावट आई है। मुजफ्फरपुर में बागमती नदी 48.93 मीटर पर स्थिर है, जो लाल निशान से 0.25 मीटर ऊपर है। घाघरा नदी भी दरौली तथा गंगपुर सिसवन में खतरे के निशान से ऊपर दर्ज की गई है।
जलस्रोतों के नियंत्रण स्तर पर बैराजों से बहाव में कमी देखी जा रही है। बीरपुर बैराज से कोसी का डाउनस्ट्रीम डिस्चार्ज 1,77,880 क्यूसेक, वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक का डिस्चार्ज 1,04,400 क्यूसेक एवं सोन नदी के इंद्रपुरी बैराज से 1,02,574 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
इस प्राकृतिक आपदा से राज्य के 13 जनपदों के अंतर्गत 77 प्रखंडों की 438 ग्राम पंचायतों के करीब 29.13 लाख नागरिक सीधे प्रभावित हुए हैं। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा राहत सामग्री, पका हुआ भोजन और स्वच्छ पेयजल वितरित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्रभावित परिवारों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। साथ ही, संवेदनशील तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है और गंगा, कोसी, बूढ़ी गंडक व पुनपुन बेसिन वाले क्षेत्रों में प्रशासनिक तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है।



