रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिवसीय दौरे पर श्रीलंका रवाना, द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा पर रहेगा जोर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 8 से 10 सितंबर तक चलने वाले अपने तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे के तहत मंगलवार को नई दिल्ली से श्रीलंका के लिए रवाना हो गए। अपनी इस यात्रा में वह श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व के साथ व्यापक द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर उच्चस्तरीय चर्चा करेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, रक्षा मंत्री कोलंबो में प्रमुख नेताओं से मुलाकात के साथ-साथ वहां बसे भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत करेंगे। अपनी यात्रा को लेकर उन्होंने कहा कि वह श्रीलंकाई नेतृत्व के साथ उपयोगी बातचीत को लेकर पूरी तरह आशान्वित हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों की मजबूती का उल्लेख करते हुए साझा विरासत पर बल दिया।
भारत की क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर बात करते हुए रक्षा मंत्री ने श्रीलंका को ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और महासागर पहल का एक प्रमुख स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापक साझेदारी मौजूद है, जिसमें आर्थिक गतिविधियों और व्यापार से लेकर क्षेत्रीय सुरक्षा तथा जन-संपर्क का विस्तृत दायरा शामिल है।
रक्षा मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस दौरे का ध्येय दोनों देशों के ऐतिहासिक व दोस्ताना संबंधों को और प्रगाढ़ बनाना है। दोनों देशों के बीच सैन्य प्रशिक्षण, क्षमता संवर्धन, सुरक्षा बलों का पेशेवर आदान-प्रदान और समुद्री सुरक्षा जैसे पहलू रक्षा तंत्र के अहम अंग हैं। हिंद महासागर में दोनों राष्ट्रों की महत्वपूर्ण भौगोलिक स्थिति के चलते समुद्री तालमेल को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
रक्षा मंत्री के साथ इस यात्रा पर रक्षा और विदेश मंत्रालय के आला अधिकारियों का एक संयुक्त दल भी पहुंचा है। हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा का बढ़ता महत्व इस यात्रा को सामरिक दृष्टि से प्रासंगिक बनाता है। दोनों देश आपसी हितों, क्षेत्रीय स्थिरता और रक्षा सहयोग को और आगे ले जाने के उद्देश्य से परस्पर बातचीत को केंद्रित रखेंगे।



