कच्चे तेल में उबाल और भू-राजनीतिक तनाव से लुढ़का बाजार, सेंसेक्स 555 अंक टूटकर जून मध्य के निचले स्तर पर

वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक जून के मध्य के बाद के अपने न्यूनतम स्तर पर फिसलकर बंद हुए।
दिनभर के कारोबार के बाद 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 555.23 अंक यानी 0.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,577.58 के स्तर पर आ गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 144.05 अंक अथवा 0.61 फीसदी फिसलकर 23,635.10 के स्तर पर बंद हुआ।
बाजार में इस कमजोरी की मुख्य वजह बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयरों पर बना भारी दबाव रहा। निफ्टी में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे। सेक्टोरल मोर्चे पर भी निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सूचकांकों में सर्वाधिक गिरावट देखी गई।
दूसरी ओर, बड़े शेयरों में गिरावट के विपरीत व्यापक बाजार की स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत नजर आई। सत्र की समाप्ति पर निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.21 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.17 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करने में सफल रहे। इसके साथ ही निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर सेक्टरों ने भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए बाजार को जरूरी सहारा दिया।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल के दामों में निरंतर बढ़ोतरी और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं निवेशकों के लिए प्राथमिक चिंता का कारण बनी हुई हैं, जिसके चलते कारोबारी धारणा में अत्यधिक सावधानी देखी जा रही है। उधर विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 0.29 फीसदी की कमजोरी के साथ 94.81 प्रति डॉलर पर कारोबार करता दिखा, जबकि डॉलर 98.95 के स्तर पर और ब्रेंट क्रूड लगभग 97 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर पर बना रहा।



