एमपी ट्रांसको ने बढ़ाई मूंदी सबस्टेशन की क्षमता, प्रदेश का पारेषण तंत्र 85,488 एमवीए पर पहुंचा

खंडवा स्थित 132 केवी मूंदी सबस्टेशन में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा 50 एमवीए का एक अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया है। इस नए संयोजन के पश्चात केंद्र की कार्यक्षमता बढ़कर 90 एमवीए हो गई है। इस विस्तार से सबस्टेशन पर अतिरिक्त विद्युत मांग को नियंत्रित करना आसान होगा और निमाड़ अंचल में स्थापित ट्रांसमिशन संरचना अधिक स्थिर, लचीली और सक्षम बन सकेगी।
ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने इस कदम पर कहा कि मूंदी केंद्र पर मौजूदा और आगामी दिनों में बिजली की बढ़ती खपत को देखते हुए 40 एमवीए के अतिरिक्त इस 50 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर को जोड़ने का निर्णय लिया गया। उन्होंने रेखांकित किया कि क्षमता में इस इजाफे से क्षेत्र के हजारों कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिलेगी और उन्हें पहले से बेहतर गुणवत्ता की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
अतिरिक्त मुख्य अभियंता (खंडवा) श्री सुरेंद्र सोलंकी ने अवगत कराया कि इस परियोजना के पूर्ण होने से खंडवा जिले की समग्र ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता अब 2,342 एमवीए के स्तर पर पहुंच गई है। एमपी ट्रांसको द्वारा जिले में कुल सात सबस्टेशनों के माध्यम से बिजली की आपूर्ति की जाती है, जिनमें 400 केवी का छैगांव माखन, 220 केवी का छनैरा और 132 केवी स्तर के पांच उपकेंद्र—खंडवा, मूंदी, सिंगोट, छैगांव माखन और पंधाना कार्यरत हैं।
अधिकारी के अनुसार, जिले में 400 केवी सबस्टेशन 630 एमवीए, 220 केवी सबस्टेशन 1,000 एमवीए तथा 132 केवी सबस्टेशन संयुक्त रूप से 712 एमवीए की क्षमता संभालते हैं, जिससे जिले का कुल पारेषण दायरा 2,342 एमवीए हो गया है। साथ ही मूंदी सबस्टेशन की अपनी क्षमता भी अब 90 एमवीए दर्ज की गई है।
इस नए संयंत्र के चालू होने के साथ ही मध्यप्रदेश स्तर पर कंपनी का कुल दायरा भी विस्तृत हुआ है। प्रदेश में एमपी ट्रांसको 417 अति उच्च दाब उपकेंद्रों का संचालन कर रही है, जिसमें 400 केवी के 14, 220 केवी के 88 और 132 केवी के 315 सबस्टेशन शामिल हैं।
पूरे राज्य में कंपनी के 1,056 ट्रांसफार्मर क्रियाशील हैं, जिनमें 400 केवी क्षमता के 41, 220 केवी के 220 और 132 केवी के 795 ट्रांसफार्मर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मूंदी में 50 एमवीए क्षमता की इस नई इकाई के जुड़ने से एमपी ट्रांसको की कुल राज्यव्यापी पारेषण क्षमता 85,488 एमवीए हो गई है।



