एशियन गेम्स: महिला बैडमिंटन में थमा भारत का सफर, क्वार्टर फाइनल में जापान ने 3-1 से दी मात

एशियन गेम्स 2026 के अंतर्गत मंगलवार को खेले गए महिला बैडमिंटन टीम स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में भारतीय टीम को जापान के खिलाफ 1-3 से हार झेलनी पड़ी। पूरे मुकाबले में कुछ प्रभावशाली प्रदर्शनों के बावजूद भारतीय टीम निरंतरता नहीं दिखा सकी और पदक की दौड़ से बाहर हो गई।
टाई का पहला मुकाबला पीवी सिंधु और अकाने यामागुची के बीच खेला गया। सिंधु ने पहले गेम में बेहतरीन वापसी करते हुए 5-5 और 12-12 पर बराबरी हासिल की तथा अंत में दबाव झेलते हुए 23-21 से जीत दर्ज की। लेकिन इसके बाद यामागुची ने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया। दूसरे गेम में जापानी खिलाड़ी ने ब्रेक पर 11-9 और फिर 17-12 की बढ़त बनाई, जिसे सिंधु ने 16-18 तक कम किया, मगर यामागुची 21-18 से गेम निकाल ले गईं। तीसरे व निर्णायक गेम में यामागुची ने इंटरवल तक 11-4 की आसान बढ़त बनाई और 21-11 से गेम जीतकर जापान को 1-0 से आगे कर दिया।
दूसरे एकल मुकाबले में उन्नति हुड्डा, टोमोका मियाजाकी की चुनौती को पार नहीं कर सकीं। पहले गेम के ब्रेक पर 11-10 से आगे रहने के बावजूद उन्नति को 16-21 से पराजय झेलनी पड़ी। दूसरे गेम में उन्नति ने शुरुआत में दबदबा बनाते हुए ब्रेक तक 11-4 की बढ़त बनाई थी, लेकिन मियाजाकी ने शानदार वापसी करते हुए 21-18 से गेम और मैच अपने नाम कर लिया, जिससे जापान 2-0 से आगे हो गया।
लगातार दो मैच गंवाने के बाद तीसरे मुकाबले में ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने भारत को मुकाबले में बनाए रखा। इस जोड़ी ने विश्व की शीर्ष वरीयता प्राप्त युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो की जोड़ी को सीधे सेटों में 21-17, 21-16 से हराकर स्कोर 1-2 कर दिया।
निर्णायक चौथे मैच में तन्वी शर्मा को अनुभवी नोजोमी ओकुहारा के हाथों 12-21, 10-21 से सीधी हार का सामना करना पड़ा। दूसरे गेम के ब्रेक तक भी तन्वी 4-11 से पीछे थीं। इस हार के साथ ही जापान ने 3-1 की अजेय बढ़त हासिल कर ली और भारतीय महिला टीम का सफर क्वार्टर फाइनल में ही समाप्त हो गया। युगल वर्ग की अप्रत्याशित जीत और सिंधु के शुरुआती संघर्ष के बावजूद जापानी टीम समग्र रूप से भारी साबित हुई।



