कच्चे तेल में नरमी और बॉन्ड यील्ड घटने से शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स 564 अंक मजबूत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में आई कमी और वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल में नरमी के बीच भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को सकारात्मक रुख देखने को मिला। प्रमुख दिग्गज कंपनियों तथा रक्षात्मक क्षेत्रों के शेयरों में लौटी खरीदारी के चलते मुख्य संवेदी सूचकांक मजबूती के साथ बंद हुए, हालांकि व्यापक बाजार के सूचकांकों पर लगातार दबाव बना रहा।
कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 564.03 अंक यानी 0.76 प्रतिशत की छलांग लगाकर 74,858.99 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 67.90 अंक यानी 0.29 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए 23,414.30 के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी का 23,300 के अहम स्तर से ऊपर टिके रहना यह संकेत देता है कि अल्पावधि में सुधार की यह दिशा बरकरार रह सकती है। तकनीकी जानकारों के अनुसार, सूचकांक के लिए 23,500 से 23,600 का दायरा तात्कालिक प्रतिरोध का काम करेगा, जबकि किसी भी गिरावट की स्थिति में 23,300 और 23,200 के स्तर मजबूत समर्थन प्रदान करेंगे।
घरेलू बाजार में आई इस मजबूती के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट प्रमुख कारक रही, जिसने मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंकाओं को काफी हद तक हल्का किया। इसके साथ ही वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल घटने से निवेशकों में जोखिम लेने की रुचि बढ़ी, जिसके चलते चुनिंदा प्रमुख कंपनियों के शेयरों में लिवाली को समर्थन मिला।
क्षेत्रवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो रक्षात्मक और उपभोक्ता केंद्रित श्रेणियों में लिवाली का जोर रहा। इस दौरान निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। इसके विपरीत, धातु और सरकारी बैंकिंग शेयरों पर दबाव हावी रहा, जिससे निफ्टी मेटल और निफ्टी पीएसयू बैंक गिरावट के साथ बंद हुए और दिन के सबसे कमजोर क्षेत्रों में शामिल रहे।
मुद्रा बाजार में भी इसका अनुकूल प्रभाव देखा गया, जहां रुपया करीब 0.11 प्रतिशत सुधरकर 95.81 रुपये प्रति डॉलर के आसपास कारोबार करता नजर आया। दरअसल, पिछले 2-3 कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल के भाव लगभग 7 प्रतिशत घटकर 91.50 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गए हैं, जिससे घरेलू मुद्रा को 96 रुपये प्रति डॉलर के स्तर के करीब महत्वपूर्ण सहारा मिला।



