ट्राई ने शुरू किया डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म, घर या दफ्तर लेने से पहले परख सकेंगे नेटवर्क की गुणवत्ता

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने संपत्तियों में दूरसंचार और इंटरनेट की स्थिति जांचने के लिए एक एकीकृत ‘डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग’ (DCR) प्लेटफॉर्म और उससे जुड़ा मोबाइल एप्लिकेशन पेश किया है। इस डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से आम उपभोक्ता किसी भी आवासीय अथवा व्यावसायिक परिसर में उपलब्ध डिजिटल कनेक्टिविटी की प्रमाणित रेटिंग और गुणवत्ता की जानकारी आसानी से हासिल कर सकेंगे।

यह नई प्रणाली ट्राई के ‘डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए प्रॉपर्टीज की रेटिंग’ विनियम 2024 तथा 13 मई 2026 को अधिसूचित संशोधित नियमों को जमीनी स्तर पर लागू करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। प्राधिकरण ने इस पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए 9 जून 2026 को ‘रेटिंग मैनुअल 2026’ भी जारी किया था। इस एकीकृत पोर्टल पर संपत्ति प्रबंधक (प्रॉपर्टी मैनेजर), पंजीकृत डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियां (DCRA) और आम नागरिक एक साथ परस्पर जुड़े रहेंगे।

प्रक्रिया के तहत वाणिज्यिक, निजी, सार्वजनिक और सरकारी श्रेणी की संपत्तियों के प्रबंधक अपनी परिसंपत्तियों का पंजीकरण करा सकते हैं। वे मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने, आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने, अधिकृत रेटिंग एजेंसी चुनने और अपनी अर्जी की वर्तमान स्थिति ट्रैक करने की पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से पूरी कर सकेंगे। यह व्यवस्था पूर्ण हो चुकी और निर्माणाधीन, दोनों प्रकार की संपत्तियों के मूल्यांकन की सुविधा देती है। पंजीकृत एजेंसियां आवंटित आवेदनों का भौतिक निरीक्षण कर कनेक्टिविटी के परिणाम दर्ज करेंगी, जिसके उपरांत डिजिटल रिपोर्ट, प्रमाणन और रेटिंग प्रकाशित की जाएगी।

उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए पोर्टल पर स्थान, संपत्ति के नाम या प्रमाणपत्र संख्या के आधार पर खोज की व्यवस्था की गई है। जारी किए गए रेटिंग प्रमाणपत्र डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित (eSign) होंगे, जिनकी सत्यता उसमें अंकित क्यूआर (QR) कोड को स्कैन करके परखी जा सकेगी। इसके साथ ही, ऑन-ग्राउंड जांच को पुख्ता करने के लिए रेटिंग एजेंसियों को एक अलग मोबाइल ऐप उपलब्ध कराया गया है, जो भवन के अंदर नेटवर्क की क्षमता मापकर आंकड़े सीधे पोर्टल से जोड़ता है। प्लेटफॉर्म पर शुल्क के ऑनलाइन भुगतान, एसएमएस/ईमेल अलर्ट तथा ऑडिट रिकॉर्ड के सुरक्षित रख-रखाव का भी प्रबंध किया गया है।

नियामक संस्था के अध्यक्ष अनिल कुमार लाहोटी ने इस पहल पर कहा कि यह प्लेटफॉर्म संपत्तियों की डिजिटल तैयारियों को आंकने के लिए एक निष्पक्ष और मानक ढांचा उपलब्ध कराता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेटिंग की सार्वजनिक खोज और प्रमाणपत्रों के सत्यापन की सुविधा से उपभोक्ताओं को भरोसेमंद और तुलनात्मक आंकड़े मिलेंगे। इससे लोग बेहतर कनेक्टिविटी वाले मकान या दफ्तर का चयन पूरी जानकारी के साथ कर सकेंगे, जबकि संपत्ति प्रबंधकों को निर्माण के शुरुआती चरण में ही डिजिटल बुनियादी ढांचे की सुनियोजित तैयारी करने का प्रोत्साहन मिलेगा।

इस व्यवस्था में रेटिंग निर्धारित करने के लिए फाइबर कनेक्टिविटी की तैयारी, मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता, भवन के आंतरिक हिस्से में कनेक्टिविटी की स्थिति और वाई-फाई (Wi-Fi) अवसंरचना जैसे प्रमुख मानकों को परखा जाएगा। ट्राई का उद्देश्य नए निर्माण में डिजिटल ढांचे के पूर्व-नियोजन को बढ़ावा देना और पुरानी इमारतों की वास्तविक क्षमता का आकलन करना है, ताकि लोग संपत्ति खरीदने या किराये पर लेने से पहले नेटवर्क से जुड़ा ठोस निर्णय ले सकें।

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