चुनाव आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र में एसआईआर की बढ़ाई तारीख, अब बीएलओ घर जाकर एकत्र करेंगे दस्तावेज

निर्वाचन आयोग ने शनिवार को दिल्ली और महाराष्ट्र में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया की समय-सीमा में विस्तार कर मतदाताओं को बड़ी राहत दी है। नई व्यवस्था के तहत दिल्ली में दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करने की मियाद 30 अक्टूबर 2026 और महाराष्ट्र में 12 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी गई है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता तथा चुनाव आयुक्त द्वय एस.एस. संधू और विवेक जोशी की मौजूदगी में निर्वाचन सदन में हुई बैठक के बाद यह आधिकारिक घोषणा की गई। दोनों राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) ने आयोग से समय बढ़ाने का आग्रह किया था, जिसे स्वीकार करते हुए यह छूट दी गई है।

जारी आदेश के मुताबिक, दिल्ली में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर रहे मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 के साथ दस्तावेज जमा कराने की समय-सीमा, जो पहले 30 सितंबर थी, अब 30 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। वहीं, इन दावों व आपत्तियों तथा नोटिसों के निपटारे की अवधि 30 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई है। महाराष्ट्र में दावे प्रस्तुत करने के लिए 12 अक्टूबर 2026 और मामलों के निस्तारण के लिए 10 नवंबर 2026 की अंतिम तारीख मुकर्रर की गई है, जो पहले 3 अक्टूबर निर्धारित थी।

आयोग ने नोटिस पाने वाले नागरिकों के लिए भौतिक रूप से दफ्तरों में हाजिर होने की अनिवार्यता भी हटा दी है। डेटा में तार्किक विसंगतियों या अनमैप्ड होने के कारण जिन लोगों को नोटिस मिला है, बीएलओ खुद उनके घर पहुंचकर कागजात संकलित करेंगे और उन्हें ईसीआईनेट प्रणाली पर अपलोड करेंगे, जिससे ईआरओ स्तर पर फैसला लिया जा सके। सुनवाई सिर्फ अपरिहार्य स्थितियों में ईआरओ के निर्णय पर होगी और वह भी प्राथमिकता के आधार पर ऑनलाइन की जाएगी। किसी भी नागरिक की जगह उनके परिवार का वयस्क सदस्य सुनवाई में उपस्थित होने के लिए अधिकृत किया जा सकता है।

प्रशासनिक स्तर पर ऑनलाइन सुनवाई के ढांचे को उन्नत किया जाएगा, साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी बेघरों, दिहाड़ी मजदूरों और आश्रय स्थलों में रहने वाले निर्धन वर्गों के लिए आवश्यकतानुसार विशेष सहायता केंद्र और शिविर स्थापित करेंगे।

आयोग ने यह भी रेखांकित किया कि बिहार व पश्चिम बंगाल सहित 20 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर कार्य पूरा हो चुका है। प्रक्रिया के दौरान छूटे हुए लोग या नए मतदाता ‘कंटीन्यूअस अपडेशन’ के तहत संबंधित ईआरओ को आवेदन देकर नाम जुड़वा सकते हैं। 24 जून 2025 को बिहार से आरंभ हुआ यह राष्ट्रव्यापी पुनरीक्षण अभियान सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी वैध ठहराया जा चुका है। इसके बाद 27 अक्टूबर 2025 को 12 राज्यों और 14 मई 2026 को 19 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए शेड्यूल घोषित किया गया था। तीसरे चरण के शेष 12 राज्यों में अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद ही कुल मतदाताओं की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

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