एशियन गेम्स 2026: 18 वर्षीय अनाहत सिंह ने स्क्वैश में रचा इतिहास, विमेंस सिंगल्स में जीता रजत पदक

भारत की 18 वर्षीय युवा स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने रविवार को एशियन गेम्स 2026 के विमेंस सिंगल्स स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। जूनियर विश्व चैंपियन अनाहत इस प्रतियोगिता के महिला सिंगल्स वर्ग में रजत पदक हासिल करने वाली देश की पहली खिलाड़ी बन गई हैं। हालांकि, खिताबी मुकाबले में उन्हें मलेशिया की मौजूदा चैंपियन शिवसंगरी सुब्रमण्यम के खिलाफ सीधे गेम में 4-11, 4-11, 7-11 से पराजय का सामना करना पड़ा।
इस हार के साथ ही अनाहत के हाथ से सीधे ओलंपिक कोटा हासिल करने का पहला अवसर भी फिसल गया। वर्ष 2028 में होने वाले लॉस एंजिल्स ओलंपिक में स्क्वैश को पहली बार आधिकारिक तौर पर शामिल किया जा रहा है, और नियमों के तहत इस महाद्वीपीय खेल के सिंगल्स स्वर्ण पदक विजेता को ओलंपिक का सीधा टिकट मिलना तय था।
नागोया स्थित किंजो फुतो एरिना में खेले गए इस फाइनल में भारतीय खिलाड़ी के सामने मलेशिया की कहीं अधिक अनुभवी प्रतिद्वंद्वी थीं। मैच की शुरुआत से ही शिवसंगरी के आक्रामक और रक्षात्मक खेल के आगे अनाहत को लय हासिल करने में कठिनाई हुई, जिसके चलते वह पहला गेम 4-11 से गंवा बैठीं।
दूसरे गेम में भी मलेशियाई खिलाड़ी का पूर्ण नियंत्रण बना रहा और अनाहत को वापसी का कोई ठोस मौका नहीं मिला, जिससे दूसरा गेम भी 4-11 के अंतर से उनके हाथ से निकल गया। तीसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने कुछ संघर्ष अवश्य दिखाया, किंतु मौजूदा चैंपियन ने अपने अनुभव का लाभ उठाते हुए 11-7 से गेम जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
फाइनल के परिणाम के बावजूद टूर्नामेंट में अनाहत का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा। इससे पहले सेमीफाइनल में उन्होंने उल्लेखनीय जज्बा दिखाते हुए दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे को दो गेम से पिछड़ने के बाद पराजित किया था। इसी जीत के साथ वह एशियाई खेलों के महिला सिंगल्स स्क्वैश फाइनल में जगह बनाने वाली पहली भारतीय बनी थीं।
रविवार को स्क्वैश कोर्ट पर भारत को दोहरा रजत प्राप्त हुआ। इससे पहले मेन्स सिंगल्स फाइनल में भारत के अभय सिंह को भी उपविजेता रहकर संतोष करना पड़ा। मलेशिया के मौजूदा चैंपियन ईन यो एनजी ने शानदार खेल का मुजाहिरा करते हुए अभय को 11-9, 11-5, 11-5 से मात दी। इस पदक के साथ अभय, सौरव घोषाल के बाद इस स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए, यद्यपि वह भी लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के सीधे क्वालिफिकेशन से चूक गए।



