बैंकों में 5-दिवसीय कार्यप्रणाली की मांग: आज से प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल टली, समिति के गठन पर बनी सहमति

देश भर के बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह (5-डे वर्किंग) लागू करने की मांग को लेकर 28 सितंबर से आहूत तीन दिनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को फिलहाल टाल दिया गया है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के प्रतिनिधियों के बीच रविवार देर रात संपन्न हुई बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया।
वार्ता के दौरान बैंक कर्मचारियों के अवकाश और कार्यदिवस संबंधी मांगों के परीक्षण व समाधान के लिए एक विशेष कमेटी गठित करने पर दोनों पक्षों में सहमति बन गई है। इस समझौते के बाद कर्मचारी संगठनों ने 28, 29 और 30 सितंबर को प्रस्तावित अपने कार्य बहिष्कार को वापस ले लिया, जिससे कार्यदिवसों में बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से संचालित रहेंगी।
यद्यपि हड़ताल को देर रात स्थगित करने की घोषणा हुई, किंतु इसके संभावित प्रभाव से निपटने के लिए वित्त मंत्रालय के निर्देश पर रविवार को भी आम नागरिकों के लिए शाखाएं खुली रखी गई थीं। देश में पूरे 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद ऐसा अवसर आया, जब किसी रविवार को सामान्य बैंकिंग कार्य संचालित किए गए।
इससे पूर्व वर्ष 2016 में नोटबंदी के दौरान 14 नवंबर को रविवार के दिन बैंकों को खोला गया था। उस समय चलन से बाहर किए गए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को जमा करने, बदलवाने तथा आवश्यक नकदी निकासी के लिए शाखाओं पर ग्राहकों की भारी कतारें लगी थीं। तब शाखाओं में उमड़ी भीड़ को नियंत्रित और व्यवस्थित करने के उद्देश्य से सरकार ने अवकाश के दिन भी बैंकों को चालू रखने का कदम उठाया था।



