नवरात्रि-दिवाली पर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने को FSSAI सक्रिय, राज्यों को मिलावट के विरुद्ध अभियान तेज करने के आदेश

देशभर में आगामी नवरात्रि और दिवाली के मद्देनजर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने मंगलवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों को मिलावटी, नकली तथा स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित वस्तुओं के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए खाद्य नमूनों के परीक्षण और निगरानी अभियान को तेज करने का निर्देश दिया है।
नियामक के अनुसार, त्योहारों के समय दूध, पनीर व अन्य दुग्ध उत्पादों के अलावा मिठाइयों, नमकीन, खाद्य तेलों, पेय पदार्थों और घी की खपत कई गुना बढ़ जाती है। बाजार में बढ़ी हुई इस मांग की आड़ में मिलावटी खाद्य सामग्री की आपूर्ति की आशंका बनी रहती है, जिसे रोकने के लिए प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा समय रहते व्यापक एहतियाती कदम उठाना जरूरी है।
जारी आदेश के तहत राज्यों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों से कहा गया है कि वे केंद्रीय और प्रांतीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ-साथ नामित अधिकारियों को जमीनी स्तर पर सक्रिय करें। ये अधिकारी पूर्व-चिह्नित संवेदनशील क्षेत्रों और अधिक जोखिम वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण करेंगे तथा प्रयोगशाला परीक्षण हेतु नियमित रूप से खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र करेंगे।
FSSAI ने राज्यों को क्षेत्रीय प्राथमिकताओं और खान-पान की विविधता के आधार पर उच्च मांग वाली सामग्रियों की निगरानी करने का भी दायित्व सौंपा है। नियामक ने स्पष्ट किया कि उत्तर और पश्चिमी भारत के हिस्सों में पर्वों के दौरान कुट्टू के आटे और सिंघाड़े के आटे का भारी उपयोग होता है, इसलिए ऐसे विशिष्ट उपभोग वाले उत्पादों की शुद्धता की भी समानांतर जांच की जानी चाहिए।
मिलावट पर त्वरित रोकथाम के उद्देश्य से प्रमुख व्यापारिक स्थलों पर ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ (FSW) मोबाइल परीक्षण इकाइयों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। ये सचल प्रयोगशालाएं मौके पर ही खाद्य वस्तुओं की जांच करेंगी, जिससे निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ होगी और उपभोक्ताओं के बीच उत्सव के दौरान मिलने वाले खाद्य पदार्थों की सुरक्षा को लेकर भरोसा कायम होगा।
नियामक ने अंत में यह भी स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया के हर चरण में जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। इसके तहत अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे सैंपलिंग, निरीक्षण और वैधानिक कार्रवाई का पूरा ब्योरा डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘FoSCOS’ और ‘FoSCORIS’ पर बिना किसी विलंब के रियल-टाइम में अपडेट करें।



