शंघाई वर्ल्डस्किल्स में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, पीएम ने 70 सदस्यीय दल को दी बधाई

नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास पर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता (शंघाई 2026) में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय प्रतिनिधिमंडल से भेंट की और उनके असाधारण कौशल की प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने वैश्विक मंच पर भारत की तकनीकी दक्षता सिद्ध करने वाले युवाओं को बधाई देते हुए उनसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता बनाए रखने का आग्रह किया।
संवाद के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रेखांकित किया कि देश में कौशल विकास मंत्रालय की स्थापना के पीछे का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप दक्ष बनाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कौशल विकास संस्थानों की महत्ता आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित अकादमिक संस्थानों के बराबर है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से देश के कौशल प्रशिक्षण ढांचे को और सुदृढ़ व व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से नीति-स्तरीय सुधारों के लिए अपने सुझाव तथा अंतरराष्ट्रीय अनुभव साझा करने की अपील की। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो संदेश में भी उन्होंने इन युवा अचीवर्स के सामर्थ्य की प्रशंसा करते हुए उनसे बातचीत को उत्साहवर्धक बताया।
शंघाई के नेशनल एग्जिबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में 22 से 27 सितंबर तक चली इस स्पर्धा में भारत ने वैश्विक स्तर पर शीर्ष 10 देशों में अपनी जगह बनाई। भारतीय दल ने छह रजत पदक और 20 ‘मेडलियन फॉर एक्सीलेंस’ जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। पूर्ववर्ती 2024 के ल्योन (फ्रांस) संस्करण में भारत चार कांस्य और 12 ‘मेडलियन फॉर एक्सीलेंस’ के साथ 13वें स्थान पर रहा था। इस बार की छलांग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के स्किल्ड वर्कफोर्स की सुदृढ़ होती साख को रेखांकित करती है।
मंत्रालय से प्राप्त विवरण के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में लगभग 70 देशों और क्षेत्रों के 1,400 से अधिक प्रतिभागियों ने कौशल का प्रदर्शन किया। भारत ने पहली बार 70 कुशल युवाओं का अपना सबसे विशाल दल भेजा था, जिसने न्यू-एज टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग, सर्विसेज और क्रिएटिव इंडस्ट्रीज से जुड़ी कुल 63 विधाओं में कड़ी चुनौती पेश की। चार दिवसीय तीव्र प्रतिस्पर्धा के पश्चात 27 सितंबर को आयोजित समापन सत्र में विजेताओं को सम्मानित किया गया।
इस पूरे अभियान का संचालन कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के मार्गदर्शन में हुआ, जिसमें सेक्टर स्किल काउंसिल, प्रमुख उद्योग साझेदारों, विशेषज्ञ प्रशिक्षण संस्थानों और तकनीकी सलाहकारों का संयुक्त योगदान रहा।



