मुख्यमंत्री ने मैनिट में 14वें तुर्यनाद-2025 महोत्सव का किया शुभारंभ

भोपाल, 14 सितंबर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार शाम मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में आयोजित ‘तूर्यनाद-25’ महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हिंदी ने वैश्विक मंच पर भारत की पहचान को सुदृढ़ किया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिंदी के माध्यम से देश का गौरव बढ़ाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदी विश्व की सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से है और आजादी के आंदोलन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस और सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसे गैर-हिंदी भाषी नेताओं का उदाहरण देते हुए हिंदी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हिंदी हमारी भाषा नहीं, बल्कि हमारी पहचान है और इसे राष्ट्रभाषा के रूप में स्थापित करने का समय आ गया है।”
इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश में चिकित्सा और अन्य विषयों की पढ़ाई हिंदी में उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि मातृभाषा की प्रगति के बिना किसी भी समाज का विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी चेतना और स्वाभिमान है। मुख्यमंत्री ने सूरीनाम का वास्तविक नाम ‘श्रीराम’ होने की रोचक जानकारी भी साझा की।
मैनिट के कार्यकारी निदेशक श्री शैलेन्द्र जैन ने मुख्यमंत्री को छात्रों के अनौपचारिक आमंत्रण को स्वीकार करने के लिए धन्यवाद दिया। वहीं, आरएनटीयू के कुलगुरु डॉ. संतोष चौबे ने हिंदी के वैश्विक विस्तार पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह 100 देशों में बोली जाती है और 150 विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जाती है।



